कचांदुर के चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज के अधिग्रहण के तीन महीने बाद अब शासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। मेडिकल कॉलेज की संपत्ति का नए सिरे से सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। इसके अलावा 5 प्रमुख विभाग शुरू किए जाएंगे। इसमें जनरल ओपीडी, सर्जरी, मेडिकल सहित अन्य वार्ड शामिल हैं।
इसके लिए तृतीय व चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियुक्तियां भी होंगी। 31 दिसंबर तक इसे शुरू किया जाना है। एक महीने में प्रक्रिया होनी है। सोमवार को हेल्थ विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला सरकारी मेडिकल कालेज पहुंचे। जहां उन्होंने निरीक्षण के साथ अधिकारियों की बैठक ली। कॉलेज को शुरू करने के लिए चार प्रमुख निर्देश भी दिए। प्रारंभिक तौर पर कालेज में पांच विभाग की ओपीडी शुरू करने कहा, जिसमें डॉक्टर की कमी जिला अस्पताल से और स्टाफ की भर्ती कराने निर्देशित किया। जल्द ही काम पूरा करने कहा।
506 पदों में तीन दिन के भीतर भर्ती प्रक्रिया
प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती के लिए 506 पदों की मंजूरी दी है। 31 दिसंबर तक हर स्थिति में विज्ञापन जारी कर प्रक्रिया शुरू की जानी है।
भवन का मेंटेनेंस जल्द शुरू कराने के निर्देश
मेडिकल कालेज लंबे समय से बंद है। इसलिए भवन को मेंटेनेंस की जरूरत है। प्रमुख सचिव डॉ. शुक्ला ने निरीक्षण के बाद भवनों की स्थिति को खराब बताया।
पेयजल के लिए निगम से लेंगे नल कनेक्शन
मेडिकल कालेज में पेयजल व्यवस्था के लिए दो बोर हैं। मेडिकल कालेज शुरू होने के बाद पर्याप्त पानी सप्लाई चाहिए। भिलाई निगम से कनेक्शन लिया जाए।
बिजली के वैकल्पिक इंतजाम सुनिश्चित हो
मेडिकल कालेज में बिजली कनेक्शन है वह सिंगल है। इस कनेक्शन को डबल किया जाएगा। इससे सिंगल कनेक्शन की बिजली बंद होती है तो दूसरे से आपूर्ति हो।
कॉलेज में 616 व अस्पताल में 425 अधिकारी व कर्मचारी की होगी नियुक्ति
इन सुविधाओं को पहले शुरू करने की तैयारी
सरकारी मेडिकल कॉलेज में जनरल ओपीडी और भर्ती वार्ड, मेडिकल ओपीडी व वार्ड, जनरल सर्जरी, पिडियाट्रिक ओपीडी वार्ड व आई ओपीडी को पहले शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
इन पदों पर पहले होंगी भर्तियां, प्रक्रिया की शुरू
फार्मासिस्ट ग्रेड 2, ड्रेसर ग्रेड 1 ग्रेड 2, लैब असिस्टेंट, डार्क रूम असिसटेंट, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरूष व महिला और चतुर्थ वर्ग कर्मचारी। आयुक्त की अध्यक्षता में नियुक्ति होगी। जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी।
लेटलतीफी के चलते नया बैच 2023 में ही मिलेगा
प्रारंभिक तौर पर खोले जाने वाले इन ओपीडी में जिला अस्पताल के डॉक्टरों की सेवाएं ली जाएगी। कॉलेज में वर्ष 2017 के 185 स्टूडेंट्स हैं। उनका इंटर्नशिप जिला अस्पताल में होना है। आदेश जारी किया जा चुका है।
50 करोड़ की देनदारी, फिर से होगा आकलन
मेडिकल कालेज को चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा 2000 से संचालित किया जा रहा था। स्टूडेंट्स के नए बैच नहीं लेने और विवाद की वजह से कर्ज 80 करोड़ पहुंच गया। सरकार ने 3 सिंतबर को अधिग्रहण किया। इस दौरान 50 करोड़ की संपत्ति का आकलन किया गया। अब नए सिरे से गठित कमेटी इसका आकलन करेगी। कमेटी के सदस्य शासन स्तर पर तय किए गए हैं।
अस्पताल के लिए स्वीकृत स्टाफ
- {246 डॉक्टर व अन्य
- 110 डीन कार्यालय {25 पैरामेडिकल
- 3 एनाटोमी {7 पैथोलॉजी
- 3 शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षक
- 4 ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षक
कॉलेज के लिए स्वीकृत पदों को जानिए
- 36 अस्पताल अधीक्षक
- 15 मेडिकल रिकार्ड सेक्शन
- 456 नर्सिंग अधीक्षक
- 20 ब्लड बैंक कर्मी
- 21 सेंट्रल स्टरलाइजेशन
- 28 केजुअलिटी
- 14 सेंट्रल वर्कशॉप
सीधी बात; डॉ. आलोक शुक्ला, हेल्थ प्रमुख सचिव
भर्ती को लेकर हमारी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
मेडिकल कालेज अधिग्रहण के तीन महीने बाद भी यह क्यों शुरू नहीं हो पाया है।
मेडिकल कॉलेज की पूरी संपत्ति से लेकर संसाधन तक सरकार की है। स्टॉफ भर्ती होगी तभी यह शुरू हो पाएगा।
डॉक्टर कहां से लाएंगे, प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है।
शुरुआत में यहां पांच प्रमुख विभाग शुरू कर रहे हैं। इसके लिए जिला अस्पताल के डॉक्टरों की सेवाएं ली जाएंगी।
वेल्युएशन और देनदारी बकाया है, उसके बिना आगे काम कैसे चालू होगा।
यह समस्या नहीं है। मेडिकल कालेज व अस्पताल शुरू होने के बाद भी यह प्रक्रिया चलती रहेगी। हमने कॉलेज सेटअप का काम शुरू कर दिया है।

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