रायपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: 15 किलो गांजा के साथ पति-पत्नी और नाबालिग गिरफ्तार
त्वरित ख़बरें - रायपुर ब्यूरों प्रमुख प्रिया शर्मा

'पारिवारिक यात्रा' की आड़ में गांजा तस्करी, रायपुर में अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

रायपुर। मुख्यमंत्री के "नशामुक्त छत्तीसगढ़" अभियान के तहत रायपुर पुलिस कमिश्नरेट लगातार मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में थाना टिकरापारा पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 15.431 किलोग्राम अवैध गांजा के साथ पति-पत्नी और एक नाबालिग बालिका को पकड़ा है।

पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस उपायुक्त पश्चिम श्री संदीप कुमार पटेल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री राहुल देव शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त श्री नवनीत पाटिल के मार्गदर्शन में थाना टिकरापारा प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मरई को 17 जून को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भाठागांव बस स्टैंड स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर के सामने कुछ लोग भारी मात्रा में गांजा बेचने की फिराक में हैं।

सूचना मिलते ही सहायक उप निरीक्षक शिवशंकर तिवारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर मौके पर घेराबंदी की गई। पुलिस ने मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर एक पुरुष, एक महिला और एक नाबालिग बालिका को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से लाल रंग के पिट्ठू बैग में खाकी टेप से पैक 15.431 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उनके साथ मौजूद नाबालिग बालिका उनकी रिश्तेदार नहीं है। पुलिस जांच में सामने आया कि चेकिंग के दौरान संदेह से बचने और सहानुभूति हासिल करने के लिए उसे परिवार के सदस्य के रूप में साथ लाया गया था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हंस राज (38 वर्ष) और उसकी पत्नी सोनिया गुज्जर उर्फ सोनू (27 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में जबलपुर में निवास कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में हरियाणा और जबलपुर के बीच अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है।

थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 542/2026 दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। वहीं, नाबालिग बालिका को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर संरक्षण में रखा गया है।

पुलिस उपायुक्त ने कहा कि रायपुर को नशामुक्त बनाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नशे के कारोबार में शामिल लोगों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से संबंधित किसी भी जानकारी की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations