रायपुर पश्चिम में विकास की सौगात: महतारी सदन से बदलेंगे महिलाओं और बच्चों के जीवन
त्वरित ख़बरें :रायपुर ब्यूरो प्रमुख प्रिया शर्मा

रायपुर ,पश्चिम विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर विकास की नई सौगात का साक्षी बनने जा रहा है। विप्र नगर रायपुरा में ₹80 लाख की लागत से निर्मित छत्तीसगढ़ का पहला हाईटेक ‘महतारी सदन’, ‘महिला योग भवन’ और ‘महिला जुंबा सेंटर’ पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिसका लोकार्पण आगामी 14 जून को दोपहर 12 बजे किया जाएगा। यह परियोजना न केवल शहरी विकास का उदाहरण है, बल्कि महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक समग्र सामाजिक सुविधा केंद्र के रूप में भी देखी जा रही है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत के विजन का परिणाम माना जा रहा है। इस केंद्र में महिलाओं के लिए योग और जुंबा जैसी फिटनेस सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने स्वास्थ्य और जीवनशैली को बेहतर बना सकेंगी। यह राज्य का पहला ऐसा सरकारी स्तर का केंद्र बताया जा रहा है, जो पूरी तरह महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को समर्पित है।

इसके साथ ही इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बच्चों के लिए बनाया गया आधुनिक प्ले स्कूल है। यहां समाज के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निःशुल्क या अत्यंत कम शुल्क पर प्रारंभिक शिक्षा, खेल-कूद और मानसिक विकास की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।

इस परियोजना का संचालन मॉडल भी चर्चा का विषय बना हुआ है। भवन और सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए ‘महाराष्ट्र मंडल’ को जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है। इससे पहले टाटीबंध स्थित महतारी सदन के सफल संचालन के अनुभव को देखते हुए यह निर्णय एक प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।

लोकार्पण कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति प्रस्तावित है, जिससे यह आयोजन और भी भव्य होने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों और मातृशक्ति में इस परियोजना को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह केंद्र उनके दैनिक जीवन से सीधे जुड़ी सुविधाएं प्रदान करेगा।

विधायक राजेश मूणत ने इस अवसर पर कहा कि विकास केवल भौतिक संरचनाओं का निर्माण नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना ही असली विकास है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गरीब या मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चे को शिक्षा या अवसरों की कमी का सामना न करना पड़े। साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया।

स्थानीय स्तर पर इस परियोजना को रायपुर पश्चिम के विकास मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण को एक साथ जोड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है।

कुल मिलाकर, विप्र नगर का यह ‘महतारी सदन’ केवल एक भवन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने जा रहा है, जो आने वाले समय में क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकता है।

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