रायपुर माना कैंप निवासी तन्मयडे पत्नी प्रतिमाडे के दो बच्चे दिव्यांशडे उम्र 6 साल, प्रत्यांशडे उम्र 2 साल दोनों बच्चे 23 अप्रैल की शाम 5:30 बजे अपने घर के बाहर साइकिल चला रहे थे,तभी अचानक मोहल्ले में आया हुआ ई- रिश्का चालक नाम विकास जो शराब की नशे में धूत था, ये पूरी घटना सी.सी.टीवी में रिकार्ड हो गई है बिना हॉर्न या इंडिगेटर देते हुए अचानक तेजी से गाड़ी को मोड़ने लगा दोनों बच्चे ई रिक्शा के नीचे आ गये, बच्चे की साइकिल भी ई रिक्शा के पहिए में फस गई, जिस कारण दोनों बच्चों को गंभीर चोट आई मौके पर उपस्थित लोगों ने घटना को देखा और आकर बच्चों को बचाया ये पूरी घउसके तुरंत बाद माता-पिता भी उपस्थित हुए बच्चों के मां के द्वारा ई-रिक्शा चालक को कहा गया लेकिन ई रिक्शा चालक अपनी गलती मानने के बचाए बहस करने लगा कि मै ई रिक्शा वाला हूं कहीं भी गाड़ी चला सकता हूं मेरी मर्जी कहते हुए बहस करने लगा कि बच्चों की मौत तो नहीं हुई ना कह कर बदतमीजी करने लगा। ई-रिक्शा के बदतमीजी भरे व्यवहार के लिए पुलिस में कंप्लेंट करना चाहा और इस पूरे घटना की जानकारी बच्चों के मां के द्वारा पार्षद और अध्यक्ष को दी गई पर भी उनके द्वारा कोई आश्वासन नहीं मिला तो मोहल्ले के निवासियों और पार्षद गिरजा और अध्यक्ष संजय के द्वारा ई रिक्शा चालक का ही साथ देते हुए कहने लगे कि बच्चों को जान मान की हानि तो नहीं हुई है इस पूरी घटना से बच्चों के माता-पिता सदमे में है। और अगर यही पार्षद और अध्यक्ष के बच्चों के साथ ऐसा होता तो क्या यह चुप बैठने ई रिक्शा चालक नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था उसे सजा तो मिलनी ही चाहिए।आज मेरे बच्चों के साथ ऐसी घटना हुई है कल मोहल्ले के किसी और बच्चों के साथ भी हो सकता है तो यह पार्षद और अध्यक्ष क्या शराबी ई रिक्शा वालों का ही साथ देंगे। जो अपनी मनमानी करते हैं यह प्रश्न हर उन लोगों के लिए है जो अपने बच्चों से प्यार करते हैं और उन्हें खोना नहीं चाहतें।🙏🏻🙏🏻

Facebook Conversations