राज्य कर (GST) विभाग ने फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक फर्म संचालक को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने पश्चिम बंगाल की कई फर्जी कंपनियों से आयरन और स्टील की खरीद दर्शाकर कागजों में करीब 76 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया।
विभाग के अनुसार, वास्तविक माल की खरीद-बिक्री किए बिना केवल फर्जी टैक्स इनवॉइस के आधार पर कारोबार दर्शाया गया। इन फर्जी बिलों की मदद से आरोपी ने 8.22 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) प्राप्त कर लिया, जिससे शासन को भारी राजस्व हानि हुई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों और लेनदेन का सत्यापन किया। इसमें पाया गया कि जिन कंपनियों से खरीद दिखाई गई थी, उनमें से कई केवल कागजों पर संचालित हो रही थीं और उनका वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों से कोई संबंध नहीं था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि माल का वास्तविक परिवहन और आपूर्ति नहीं हुई थी।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद राज्य कर विभाग ने फर्म संचालक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। विभाग मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि फर्जी बिलिंग और अवैध ITC दावों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के विरुद्ध जीएसटी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

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