दिल्ली के मंत्री मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में मेयर चुनाव हुए, उसमें किस तरह बीजेपी ने वोटों में बेईमानी करके अपना मेयर चुनने की कोशिश की थी। उस पूरे षड्यंत्र में प्रीसाइडिंग ऑफ़िसर अनिल मसीह मुख्य विलेन थे। प्रिसाइडिंग ऑफ़िसर ही चुनाव कराता है। दिल्ली मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भी इस तरह की गड़बड़ी की जा सकती है।मंत्री सौरभ भारद्वाज ने ये भी कहा कि प्रिसाइडिंग अधिकारी की फ़ाइल UD मंत्री यानी मेरे पास आनी थी लेकिन उसे डायरेक्ट LG को भेजा गया। यह चोरी क्यों हो रही है। परसों मैंने LG को पत्र लिखा, कल CS को पत्र लिखा कि किस अधिकार के तहत आप सीधे LG को फ़ाइल भेज सकते हैं। 26 अप्रैल सुबह 9 बजे चुनाव है लेकिन अभी तक प्रिसाइडिंग अधिकारी की फ़ाइल हमारे पास नहीं आई है. सुना है LG केरल भ्रमण पर गए हैं।आम आदमी पार्टी के नेता और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा, ”दिल्ली में जब मेयर चुनाव हुआ, 134 पार्षदों के साथ AAP सबसे बड़ी पार्टी थी. सबसे सीनियर पार्षद को प्रिसाइडिंग ऑफ़िसर बनाया जाता है लेकिन LG ने बीजेपी को एक पार्षद को बनाया और बेईमानी से वोट डलवाने की कोशिश की. 26 अप्रैल को फिर मेयर का चुनाव होना है. तय प्रक्रिया है कि मौजूदा मेयर जो शैली ओबरॉय हैं, वे प्रिसाइडिंग अधिकारी होगी. लेकिन LG वीके सक्सेना इस पुरानी प्रकिया को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं”.
त्वरित ख़बरें -सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

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