राजनांदगांव - जिला भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ एवं शक्ति केन्द्र प्रभारी युवा नेता राजेश गुप्ता अग्रहरि ने देश में आपातकाल के दौरान इस आपातकाल का पुरजोर विरोध करने वाले व जेल की सजा पा कर लाठी- डंडा खाने वाले मीसा बंदियों को नमन करते हुए कहा कि मीसा बंदियों का सम्मान संविधान की हत्या है, और इस हत्या को करने वाली कांग्रेस पार्टी के मुंह पर करारा तमाचा है।अग्रहरि ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1975 में सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने के लिए संविधान की हत्या करते हुए देश में इमरजेंसी लगाई थी और इस इमरजेंसी का विरोध करने वालों को प्रताड़ना देते हुए जेल में ठूंस दी थी, प्रेस पर बेन लगा दी थी पुरे देश में समाज सेवी प्रबुद्ध जनों ने संविधान की हत्या करने वालों के विरोध में देश के जन नायक, जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी, जार्ज फर्नांडिस आदि जैसे देश के बड़े बड़े नेता गणों सहित हमारे संस्कारधानी के वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश एच लाल, रामकृष्ण निर्वाणी आदि समाजवादी नेता विद्या भूषण ठाकुर, मदन तिवारी ,दरबार सिंह ठाकुर, यादव जी आदि दर्जनों लोकतंत्र प्रेमी नेता जेल की सीखचों के पीछे ढकेल दिए गए। इस दौरान जेल में रहने से इन नेताओं के घर वाले आर्थिक समस्या से ग्रस्त रहे। ऐसे समय में देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी आपात काल का विरोध करते हुए देश भर वेष बदल छुपते - छूपाते घूमते हुए लोगों को जगाया और पीड़ित मीसा बंदी रहे लोगों के घरों में जाकर आर्थिक मदद पहुंचाई।अग्रहरि ने कहा कि कांग्रेस के समय प्रदेश के भूपेश बघेल सरकार ने इन मीसा बंदियों को मिलने वाली सुविधा व सहायता को बंद कर दिया था।आज देश की मोदी सरकार व प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार मीसा बंदियों का सम्मान कर देश का हित व लोकतंत्र का सम्मान करने वालों को प्रतिष्ठा देने का काम कर रही है। यह एक प्रकार से संविधान की हत्या करने वाली पार्टी कांग्रेस के मुंह में एक करारा तमाचा है।
त्वरित ख़बरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

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