लॉरेंस-बिश्नोई गैंग का करीबी गैंगस्टर अमन साहू लाया गया रायपुर, झारखंड से 40 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में पहुंचा, PRA कंस्ट्रक्शन मालिक पर करवाई थी फायरिंग...
त्वरित ख़बरें -सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

छत्तीसगढ़ : लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गैंगस्टर अमन साव को झारखंड की जेल से रायपुर लाया गया। साव को लेकर रायपुर-झारखंड की 40 पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम सोमवार तड़के पहुंची है। अमन साहू पर रायपुर के कारोबारी प्रहलाद राय अग्रवाल पर गोली चलवाने का आरोप है।प्रहलाद राय अग्रवाल का तेलीबांधा थाना क्षेत्र में PRA कंस्ट्रक्शन के नाम से ऑफिस है। यहां 13 जुलाई को अमन साव के गुर्गों ने गोली चलाई थी। इस गोलीकांड में अमन साहू के अलावा लॉरेंस बिश्नोई का नाम भी सामने आया था। इसी मामले में पूछताछ करने के लिए प्रोटेक्शन वारंट पर अमन साहू को लाया गया है।अमन साहू को रायपुर प्रोटेक्शन वारंट में लाने पर रायपुर पुलिस को पांचवीं बार में सफलता मिली। इससे पहले चार बार रायपुर पुलिस के अधिकारी प्रोटेक्शन वारंट पर रायपुर लाने की मांग कर चुके थे, लेकिन हर बार उनकी मांग को नकार दिया जाता था।शनिवार को दोनों प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के बीच चर्चा हुई और उसके बाद प्रोटेक्शन वारंट पर रायपुर लाने की मंजूरी मिली और रविवार की शाम को अमन साहू को रायपुर के लिए रवाना किया गया था।

कौन है अमन साहू

रिपोर्ट्स के अनुसार, गैंगस्टर अमन साहू पहली बार 2019 में गिरफ्तार हुआ था। लेकिन 29 सितंबर 2019 को ही वह फरार हो गया। पुलिस ने उसे 3 साल बाद जुलाई 2022 में दोबारा गिरफ्तार किया। साव अभी झारखंड के गिरिडीह जेल में बंद है। बताया जाता है कि अमन साहू के गिरोह के पास एडवांस हथियार हैं जिसके दम पर वह अपने खौफनाक मंसूबों को अंजाम देते हैं।

झारखंड के कई जिलों में फैला है साव गैंग का नेटवर्क

अमन साव का नेटवर्क धनबाद, रांची, रामगढ़, चतरा, हजारीबाग, पलामू, लातेहार, बोकारो जैसे झारखंड के तमाम जिलों में फैला हुआ है। साहू के रडार पर कोल माइनिंग कंपनियां, कोयला व्यवसायी और ट्रांसपोर्ट फील्ड के बिजनेसमैन रहते हैं।साहू इनको अपना टारगेट बनाकर इनसे रंगदारी की मांग करता है और जो उसकी बात नहीं मानता उसके गुर्गे उस पर गोली चलाकर अपनी बात मनवाते हैं।

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