बेमेतरा :- कलेक्टर रणबीर शर्मा की अध्यक्षता में एकीकृत बाल संरक्षण योजना (मिशन वात्सल्य) के तहत प्रवर्तकता और पालन पोषण देखरेख अनुमोदन समिति की बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में प्रवर्तकता कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र 46 प्रकरणों को समिति द्वारा अनुमोदित किया गया, जिनमें देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को लाभ प्रदान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 1973 की धारा 2 (58) और अधिनियम 2015 के अनुसार, प्रवर्तकता योजना के तहत पात्र बच्चों को पोषण, शिक्षा, चिकित्सा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, पुनर्वास, आश्रय और सर्वांगीण विकास में सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रवर्तकता योजना के मानदंड
विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्त माता | अनाथ बच्चे जो विस्तारित परिवार के साथ रह रहे हों। गंभीर बीमारी से पीड़ित माता-पिता | आर्थिक रूप से कमजोर या अक्षम माता-पिता | जेजे अधिनियम 2015 के अनुसार देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत बच्चे। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वार्षिक आय ₹72,000 तक और शहरी क्षेत्रों के लिए 96,000 तक निर्धारित की गई है। समिति द्वारा प्रवर्तकता की अवधि 18 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, बशर्ते कि इसके लिए किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति या बाल न्यायालय द्वारा लिखित रूप में कारण दर्ज किए गए हों।अधिक जानकारी के लिए योजना की जानकारी के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या जिला बाल संरक्षण इकाई, बेमेतरा से संपर्क किया जा सकता है।

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