हेमचंद यादव विश्वविद्यालय नए शिक्षा सत्र से शोधार्थियों, प्राध्यापकों और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए नई सुविधाएं देने जा रहा है। इन प्रस्तावों को लागू करने के पहले अन्य विश्वविद्यालयों में दी जा रही सुविधाओं का आंकलन किया जाएगा। उनके नियम देखे जाएंगे। इन प्रस्तावों को आगामी कार्यपरिषद की बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।
वहां से मुहर लगने के बाद अगले शिक्षा सत्र से इसे लागू किया जाएगा। कुलपति डॉ. अरुणा पल्टा ने घोषणा की है कि हेमचंद विवि के अंतर्गत संचालित शोध केंद्रों में शोध करने वाले शोधार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। निजी महाविद्यालयों में अध्यापन करने वाले प्रोफेसरों को उनकी जरूरत के लिए लोन दिया जाएगा। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का एक ग्रेड बढ़ाया जाएगा। शासन के नियमानुसार एसटी, एससी और ओबीसी के शोधार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। ऐसे में कुछ प्रतिभाशाली शोधार्थी आर्थिक अभाव को दूर करने यूनिवर्सिटी योजना शुरू करेगी।
टीचर्स बेनीफिट फंड से दिया जाएगा लोन
हेमचंद विवि की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षा के बाद उत्तर प्राध्यापकों को मूल्यांकन के लिए कॉपियां भेजी जाती हैं। इसका भुगतान करते समय टीचर्स बेनीफिट फंड में कुल राशि की 3 फीसदी रकम काटकर रखी जाती है। इसका उपयोग शिक्षकों के लिए किया जाता है। राज्य में संचालित अन्य विश्वविद्यालयों में यह योजना चल रही है। अब यूनिवर्सिटी में भी प्राध्यापक लोन की सुविधा दी जाएगी।
दैवेभो कर्मचारियों का ग्रेड बढ़ने से होगा फायदा
हेमचंद विवि में इन दिनों 70 युवा बतौर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनको यहां काम करते हुए काफी अर्सा बीत गया है। कई कर्मचारी विवि के शुरुआती दौर से सेवाएं दे रहे हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए उनका एक ग्रेड बढ़ाने की घोषणा की गई है। इससे उनके वेतन में हर दिन 16.60 रुपए की वृद्धि होगी। प्रत्येक कर्मचारी का महीने का वेतन कम से कम 500 रुपए बढ़ जाएगा।

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