दुर्ग, 10 मई 2025/ ग्राम बोरीगारका निवासी सैनिक दुर्गेश वर्षों से अपनी भूमि के अवशेषों को लेकर असमंजस में रह रहे हैं। दुर्गेश के लिए "समाधान शिविर" में किसी भी प्रकार की सजावट कम नहीं हो रही है। दुर्गेश की ऋण पुस्तिका गिरनाधार में स्थित थी, पुराना दस्तावेज़ धुंधला पड़ा हुआ था और समय पर मीन न होने से वह किसी भी वित्तीय सहायता या कृषि ऋण के लिए पात्र नहीं हो पा रहे थे।
दुर्गेश ने समाधान शिविर में अपनी समस्या रखी, जहां दिव्यांग अधिकारी याचिका पत्नी क्षमा यदु ने तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। प्रक्रिया को प्राथमिकता में लेते हुए उनकी पुरानी, खराब ऋण पुस्तिका का एक नया पुस्तिका जारी किया गया। नई ऋण पुस्तिका बैठक के साथ ही दुर्गेश अब बैंक से कृषि ऋण लेना अक्षम हो गए हैं। दुर्गेश ने कहा कि सॉल्यूशन कैंप ने मेरी सबसे बड़ी परेशानी दूर कर दी। शिविर में कई शिष्यों को ऐसी ही राहत मिली।

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