दीपावली के बाद रिलीज होने वाली फिल्मों का क्या होगा भविष्य? रूमी जाफरी, शशांक खेतान समेत ट्रेड पंडितों ने बताया
त्वरित खबरे

महाराष्ट्र में थिएटर खुल चुके हैं। दीपावली से फिल्में रिलीज हो रही हैं। दीपावली सहित इसके आसपास रिलीज होने वाली फिल्मों का भविष्य क्या होगा? आइए, इस बारे में ट्रेड पंडितों और कुछ चुनिंदा फिल्ममेकर्स से जानते हैं कि उनका क्या कहना है।

अब उम्मीद है कि फिल्में अच्छा बिजनेस करेंगी- शशांक खेतान
कोविड-19 के बाद इस दीवाली पर थोड़ी रौनक आई है। इसे देखकर बहुत अच्छा लग रहा है कि लोग दीपावली सेलिब्रेट कर रहे हैं। इसी तरह थिएटर भी खुल गए हैं, उसकी भी बहुत खुशी है। ऐसे में अब उम्मीद है कि फिल्में अच्छा बिजनेस करेंगी, इससे दर्शक थिएटर में वापस आएंगे। वही मनोरंजन, जिसके लिए हम सबने इंडस्ट्री ज्वॉइन की थी, उसका फिर से आनंद उठाएं। हां, हम यह भी चाहेंगे कि लोग सेफ हों। उसके लिए दर्शकों से दरख्वास्त रहेगी कि अपने आपको डबल वैक्सिनेट करें। एकदम केयरफुली, रिस्पांसिबली थिएटर आएं।

आइ थिंक, सब लोग मेहनत कर रहे हैं कि हम लोग बहुत रिस्पांसबल थिएटर को एंज्वाय करें। हम सबकी 'सूर्यवंशी' पर नजर है। होपफुली, जब यह फिल्म रिलीज होगी, तब लोग थिएटर में आकर देखेंगे। मुझे लगता है कि जिस हिसाब से देश में हमारा वैक्सीनेशन ड्राइव हुआ है, उससे अगले कुछ महीनों में फिल्मों का अच्छा बिजनेस होगा। होप फुली, अगले चार से छह महीने के बीच थिएटर अपने ऑरिजनल तरीके से 75 या 80 पर्सेंट तक पहुंच जाएंगे। आइ थिंक, सब लोग पॉजिटिव हैं, होप फुल हैं। यही दीपावली के अवसर मां महालक्ष्मी से प्रार्थना है कि सब सेफ रहें और थिएटर सहित सभी बिजनेस अपने पुराने रंग में आ जाएंगे।

थिएटर में भी खुशियां लौटेंगी- रेमो डिसूजा

देखिए, दीपावली के अवसर पर या उसके बाद फिल्मों का भविष्य तो नहीं बता सकता। अगर भविष्य बता सकता, तब बोलता कि सारी फिल्में चल जाएंगी। भविष्य तो हमारी फिल्म इंडस्ट्री में किसी भी फिल्म का नहीं बता सकता। बस, यही आशा करते हैं कि हम जो भी फिल्में बनाएं, वह चलें और लोगों को अच्छी लगें। फिल्म चले, थिएटर चले और जो काम करते हैं, उनके घर चले। हां, अब जिस तरह से बाजार खुल रहा है, उससे लगता है कि थिएटर में भी खुशियां लौटेंगी।

अब दीपावली से भरपाई हो जाएगी- रूमी जाफरी

मैं तो बहुत आशावादी आदमी हूं, इसलिए पॉजिटिव ही सोच रहा हूं कि थिएटर खुल गए हैं, जिसके लिए पब्लिक इतने दिनों से तरस रही थी। फेस्टिवल में इससे अच्छा क्या होगा कि लोग जाकर फिल्में देखें। मुझे बड़ा उम्मीद है कि पॉजिटिव रिएक्शन आने वाला है। जो लोग थिएटर खुलने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए खुशी की बात है। पब्लिक में एक्साइटमेंट भी है। इतने महीनों से लोग सिनेमा गए नहीं। जबकि हमारे हिंदुस्तान में सिनेमा का कल्चर बहुत जबर्दस्त है। लोग पूरे परिवार के साथ एक अच्छे एंटरटेनमेंट के लिए थिएटर में जाते हैं। अभी वापस थिएटर खुल गया, तब कोविड-19 के समय जो लोग इसे मिस कर रहे थे, वे अच्छा रिस्पांस देंगे। अभी तो सूर्यवंशी से लेकर तड़प तक आने वाली फिल्मों का बहुत अच्छा लाइनअप है, सबको अच्छा रिस्पांस मिलेगा। दुआ है कि सबको मिलना भी चाहिए, क्योंकि सिनेमा वालों ने अब बहुत सफर किया है। इंडस्ट्री ने बहुत नुकसान उठाया है। मुझे लगता है कि दीपावली से उसकी भरपाई हो जाएगी।

फिल्मों का बिजनेस अब फैंटास्टिक होगा- कोमल नाहटा

मुझे लगता है, फिल्मों का बिजनेस अब फैंटास्टिक होगा। अगर फिल्म अच्छी होंगी तो उसे अब कोई नहीं रोक पाएगा, क्योंकि जनता अब घर से बाहर निकलना चाहती है, सिनेमा हॉल में फिल्म देखना चाहती है। शायद हमें अब ऐसे अच्छे कलेक्शन देखने को मिलेंगे, जो हम सबको दंग कर देंगे।

दीपावली के बाद हर सप्ताह बड़ी फिल्में आएंगी- अतुल मोहन
सब अच्छा ही है, क्योंकि अच्छी लाइन अप हैं, अच्छी फिल्में हैं। दीवाली तो फिल्म इंडस्ट्री के लिए हमेशा से सबसे बड़ा उत्सव रहा है। यह तो अब बाकी छुटि्टयां ईद, रिपब्लिक डे आदि पर फिल्में रिलीज करने लगे हैं। फिल्मों के रिलीज का इतिहास देखो, तब हमेशा दीवाली ही बड़े प्रोड्यूसर और बड़े एक्टर की च्वाइस रही है कि मेरी फिल्म दीवाली पर रिलीज हो। यह ट्रेडिशन पता नहीं कितने सालों से चला आ रहा है। जहां तक मुझे याद है, 25-30 साल से तो मैं ही देख रहा हूं, इससे ज्यादा ही होगा। आज भी वही है। अब देखिए, दीवाली पर बड़ी फिल्म 'सूर्यवंशी' आ रही है। बड़ी फिल्म हमेशा दीवाली के लिए ही होती हैं। कभी ऐसा नहीं हुआ कि दीपावली बड़ी फिल्म न आई हो। दीवाली का माहौल अलग होता है।

लोग पूरे साल तो नहीं, पर दीवाली के समय एकदम से दिलदार हो जाते हैं। लोगों के पास बोनस वगैरह का पैसा भी आ जाता है। लोग एंज्वाय के मूड में आ जाते हैं, क्योंकि उनको पता है कि पैसा मिला है, इसे खर्चा करना होगा। फिर तो फैमिली के साथ डिनर पर बाहर जाना हो, कपड़े खरीदने हो या फिर सिनेमा में जाना हो। लोग पहले से मेंटली तैयार रहते हैं कि हमें दीवाली पर खर्च करना है और फैमिली को एंटरटेन करना है। एक-दूसरे को गिफ्ट देना आदि। लोगों को लगता है कि तीन-चार दिन छुट्‌टी है, तब चलो सिनेमा भी देख आते हैं। कौन-सी बड़ी फिल्म आई है, इसकी उत्सुकता रहती है। इस तरह दीवाली हमारे लिए हमेशा से अच्छा रहा है। हमेशा देखते हैं कि 100-100 करोड़ की दो फिल्में भी एक ही दीवाली पर रिलीज हो जाती हैं। दीपावली के बाद हर सप्ताह बड़ी फिल्में आएंगी। यह सिलसिला जून-जुलाई तक चलने वाला है। हम नहीं चाहेंगे कि कोई रुकावट आए, पर कोराना का कहर कब बरसेगा, यह पता नहीं। बाकी कंट्री में थर्ड वेब, फोर्थ वेब शुरू हो गए हैं।

थिएटर में 'सूर्यवंशी' खुशी की लहर लेकर आएगी- तरण आदर्श

देखिए, उम्मीद पर दुनिया कायम है और मुझे बड़ी उम्मीद है कि दीपावली पर बड़ी फिल्म सूर्यवंशी रिलीज हो रही हैं, वह फिर से थिएटर में खुशी की लहर लेकर आएगी। यह हमारे लिए बहुत बड़ा इम्तिहान है। आगे रिलीज होने वाली फिल्मों के बारे में सबसे पहले यह कहना चाहूंगा कि यह बहुत अच्छा टाइम है, क्योंकि फिल्मों का रिलीज होना ही बहुत जरूरी है। सारी बड़ी-बड़ी फिल्में रुक गई थीं। अब फिल्मों के रिलीज होने का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है तो यह बहुत सही कदम है। अब उम्मीद करते हैं कि फिल्मों का कंटेंट भी अच्छा हो। फिल्में अच्छी बनें ताकि ऑडियंस थिएटर के अंदर आएं। उम्मीद यही है कि एक बॉक्स-ऑफिस पर फिल्मों का बाहर फिर से लौटेगा।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations