बाल सम्प्रेक्षण गृह में हुआ लाइफ स्किल ट्रेनिंग का आयोजन
त्वरित ख़बरें - बस्तर संवाददाता

जगदलपुर 17 अगस्त । संप्रेक्षण गृह में रह रहे किशोरों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जगदलपुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में लाइफ स्किल ट्रेनिंग का आयोजन किया गया। इस मौके पर 27 किशोरों को उनके जीवन में सकारात्मक सुधार लाने के लिए बेहतर जीवन कौशल के बारे में बताया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से संप्रेक्षण गृह में रह रहे किशोरों को जीवन के संघर्षों और जीवन में आने वाली चुनौतियों से निपटने के साथ साथ तनाव को कम करने के गुण भी बताए गए।

इस सम्बन्ध में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर ऋषभ साव ने बताया: ''बच्चों का विकास उसके व्यक्तित्व के संपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखते हुए किया जा सकता है। यही वजह है कि किशोरों में जीवन कौशल प्रशिक्षण की बड़ी अहमियत होती है। जीवन कौशल शिक्षा परेशानियों से जूझने और संघर्ष करने का हौसला देती है। इस सम्बंध में स्पर्श क्लीनिक की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट मोनिका द्वारा संप्रेक्षण गृह में रह रहे किशोरों के साथ मानसिक स्वास्थ्य के विषय पर चर्चा कर जीवन कौशल के बारे में बताया गया। साथ ही मन में आ रहे बदलाव से पूर्व मिलने वाले संकेतों के बारे में भी जानकारी दी गयी।"

कार्यक्रम आयोजन के दौरान क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट मोनिका ने जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को बताया: " एक अच्छा जीवन जीने के लिए हमें अपने जीवन में कुछ नियम बनाने होंगे वही नियम हमारे जीवन कौशल को बेहतर करेंगे। दिन-प्रतिदिन रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाले तनाव व परेशानियों का सामना करते हुए बेहतर उपाय कर जीवन को अच्छे तरीके से जीना सीखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के लिये जीवन कौशल प्रशिक्षण अति आवश्यक है।"

आगे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया : " किशोरों को प्रभावी संवाद, गंभीर चिंतन, समस्याओं को हल करने का नजरिया, एवं भावनाओं पर नियंत्रण के माध्यम से एक बेहतर जीवन जीने की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आपसी मेलजोल के साथ कैसे अपने आसपास का वातावरण को किस प्रकार से सुंदर किया जा सकता है।“

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