अधिवक्ताओं  ने कहा अब फिर से तीन नयी कानून की  धाराएं याद करनी पड़ेगी
त्वरित ख़बरें रिपोर्टिंग

तीन नए कानून है तीनों अपने देश की परिस्थितियों के आधार पर निर्मित कानून है इसलिए अपराधियों के बचने की गुंजाइश कम होगी त्वरित न्याय मिलेगा हम अधिवक्ताओं को नए सिरे से तीनों कानून को अध्ययन करना पड़ेगा|

नए कानून में अपराध की नई धाराएं हैं इसे लेकर अधिवक्ताओं की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आ रही है उनका कहना है कि नए सिरे से सभी धाराओं को याद करना पड़ेगा पुराने कानून की कई धाराएं कंठस्थ थी|

अधिवक्ता शीतल यादव कहते हैं कि अच्छा है कि अपने देश का कानून प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत पर आधारित है पर हम अधिवक्ताओं को फिर से धाराओं को याद करना पड़ेगा दुर्ग कोर्ट में क्रिमिनल लॉयर अशोक शर्मा कहते हैं कि अब धारा 302 बदलकर 103(1), धारा 420 बदलकर 118 (4), 379 बदलकर 302 (2) व 376 अब 64 हो जाएगा इन तमाम धाराओं को फिर से याद करना होगा 

अधिवक्ता मनोज मित्रा कहते हैं कि थाने से लेकर कोर्ट तक जो पूरा सिस्टम डिजिटलीकरण हुआ है उसे पीड़ितों को न्याय मिलने में आसानी होगी हम लोग फिर से धाराओं को याद कर लेंगे

 दुर्ग कोर्ट में अधिवक्ता अविनाश तिवारी कहते हैं कि अंग्रेजो के बने कानून में कई विरोधाभास था जिसका फायदा बड़े अपराधी उठा लेते थे अब ऐसा नहीं होगा जाँच से लेकर फैसला तक ऑनलाइन व पारदर्शी होगा 

अधिवक्ता डेरेश्वर बंजारे कहते हैं कि न्याय से लेटलतीफी  की वजह से पीड़ित पक्ष टूट जाता था नए कानून के तहत फैसला भी अब जल्दी आएगा इसे कानून पर लोगों का विश्वास बढ़ेगा|

YOUR REACTION?

Facebook Conversations