तेंदुआ ने किया बकरी का शिकार लगातार इस क्षेत्र में तेंदुए की है हलचल/आहट

त्वरित ख़बरें - यंहा यह उल्लेखनीय है कि पूर्व में शिकारियों ने जंगली जानवरों का शिकार हेतु जंगल मे करेंट तार बिछाया था जिससे एक तेंदुवा चपेट में आ गया था लगभग साल डेढ़ साल पूर्व जिसमे वनविभाग के अधिकारियों ने दिन रात एक कर बेहतर इन्वेस्टिगेशन कर 2 से 3 दिनों के भीतर सभी 05 आरोपियों को गिरफ्तार जेल भेज दिया था |

तेंदुआ ने किया बकरी का शिकार लगातार इस क्षेत्र में तेंदुए की है हलचल/आहट

साल्हेवारा :-  साल्हेवारा से नर्मदा जाने वाले मार्ग के बीच मे पैलीमेटा लगभग 28 किमी की दूरी पर स्थित है।  वनांचल ग्राम पैलीमेटा के पतंगा पहाडी कर्रारवार के घने जंगल में दिनाँक 10/10/21 को संध्या 5 बजे के लगभग तेंदुए ने एक किसान की बकरी का शिकार कर लिया।जब बकरी का मालिक संतराम पाल अपनी बकरियों को चराकर पतंगा पहाड़ी से वापस घर की ओर जा रहा था जिसमे तेंदुए की आहट सुनते ही कृषक पूरी बकरियों को खेदते हुए भागा जिसमे तेंदुए ने झपटकर एक 2 साल की बकरी का शिकार कर लिया व देखते ही देखते खींच कर घने जंगल की ओर ले गया जिसमें कृषक ने अपनी जान बचाकर एवं बाकी बकरियो को ले कर नीचे उतरा और तत्काल वन विभाग पैलीमेटा के अधिकारियों को घटना की सूचना संध्या 7 बजे दी जिसमे वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए  तत्काल आस पास के समस्त ग्रामो में मुनियादी कराई और सावधान रहने एवं सचेत रहने को कहा दूसरे ही दिन प्रातःवन विभाग अपने अमले के साथ तत्काल घटना स्थल पर पहुँच कर घटना स्थल का जायजा लिया और तत्काल पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप इंदुरकर को सूचना दी जिससे डॉ .इंदुरकर एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ घटना स्थल पहुंच कर मृत बकरी का शव परीक्षण कर व पंचनामा तैयार कर  पोस्टमार्टम किया गया। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा वन्यप्राणी द्वारा पशुहानी का प्रकरण तैयार किया गया है कृषक संतराम पाल को क्षतिपूर्ति के प्रावधानों का लाभ दिलाने की प्रक्रिया वनविभाग के अधिकारियों द्वारा पूर्ण कराई गई है। इस घटना से किसी प्रकार की जन हानि नही हुई है। मगर वन विभाग और प्रशासन ने इस क्षेत्र के लोगो को सचेत रहने की सख्त हिदायत दी है।

यंहा यह उल्लेखनीय है कि पूर्व में शिकारियों ने जंगली जानवरों का शिकार हेतु जंगल मे करेंट तार बिछाया था जिससे एक तेंदुवा चपेट में आ गया था लगभग साल डेढ़ साल पूर्व जिसमे वनविभाग के अधिकारियों ने दिन रात एक कर बेहतर इन्वेस्टिगेशन कर 2 से 3 दिनों के भीतर सभी 05 आरोपियों को गिरफ्तार जेल भेज दिया था जिसका प्रकरण न्यायालय में संभवतःआज तक चल रहा। है।ग्रामीणों ने पूर्व में भी कई बार बताया कि इस क्षेत्र में मृत तेंदुवे का साथी आज भी इसी जगह में विचरण कर रहा है कई मार्ग में चलने वाले राहगीर यात्रियों ने भी इस बात का जिक्र बीच बीच मे किया है जिन्होंने इस तेंदुवे को रोड क्रॉस करते देखा है।खैर वनविभाग ने व इस घटना ने सम्पूर्ण रूप से सचेत रहने की ओर इशारा कर दिया है हमें सजग व सतर्क रहने की आवश्यकता है।और लोगो द्वारा कही गयी बातें आज सिद्ध भी हो गयी।।