कांकेर 2 दिसम्बर । वर्तमान समय में गैर संचारी रोग की समस्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में रहन-सहन और खान-पान में नियंत्रण जरूरी हो गया है। साथ ही विभाग द्वारा भी रोग पर नियंत्रण लाने के लिए लगातार स्क्रीनिंग कर, संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है। इस वर्ष कांकेर को गैर संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग में बस्तर संभाग में दूसरा स्थान मिला है।
इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया: " गैर संचारी रोग (एनसीडी) नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न रोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार प्रदाय किया जाता है। जिले के प्रत्येक शासकीय स्वास्थ्य केंद्र, हाट बाजार क्लीनिक के द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में भी आसानी से एनसीडी सबंधी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लोगों को दिया जा रहा है।"
आगे उन्होंने बताया: "जिले में ऐसे लोग जिनकी आयु 30 या 30 साल से अधिक हैं उनकी अनिवार्य रूप से गैर संचारी रोग की स्क्रीन इस कार्यक्रम के अंतर्गत की जाती है जिसमें मितानिन द्वारा सामुदायिक आधारित गणना कर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य संयोजक महिला/ पुरुष के द्वारा उसकी एंट्री पोर्टल में की जाती है, ऐसे मरीज जो गंभीर है उनकी लिस्टिंग कर विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा तय स्थल पर मरीजों का परामर्श एवं उपचार किया जाता है। एनसीडी कार्यक्रम की दिशा में बेहतर कार्य के लिये संभाग में दूसरा स्थान मिलने पर कांकेर जिले के समस्त स्वास्थ्यकर्मी एवं सहयोगी बधाई के पात्र हैं।"
जिला नोडल अधिकारी डॉ.लोकेश देव ने बताया: "सामान्य भाषा में ऐसा रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है गैर संचारी रोग कहलाता है। इन रोगों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, बच्चेदानी के मुंह का कैंसर शामिल है। ये सभी रोग खान-पान तथा रहन सहन के स्तर पर निर्धारित होते हैं।"
एनसीडी कार्यक्रम के जिला सलाहकार डा.विनोद वैद्य ने बताया: "वर्तमान जीवन शैली में बदलाव के कारण लोगो को मधुमेह, रक्तचाप,कैंसर जैसी बीमारियां आजकल सामान्य है इस प्रकार के मरीज प्रायः हर घर में मिलते है। ऐसे में गैर संचारी रोगों की पहचान के लिये जिले के लोगों की स्क्रीनिंग समय-समय पर की जा रही है, जिसमे स्वास्थ्य संयोजक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं चिकित्सकों की अहम भूमिका है।"