नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने 1 दिसंबर से घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल और डीजल के एक्सपोर्ट पर से विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) को घटाने का ऐलान किया है. यह फायदा सिर्फ देश में निकाले गए तेल और डीजल के लिए है.
एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार के इस कदम से पेट्रोल-डीजल के रेट घटने की उम्मीद बढ़ गई है. इसका कारण ये है कि ग्लोबल मार्केट में क्रूड सस्ता हुआ है, इसीलिए सरकार ने निर्यात पर टैक्स घटाया है. घरेलू बाजार में अब तेल की आपूर्ति काफी अच्छी हो गई है, जिससे कंपनियों पर दबाव घटा है और वे कीमतों में कटौती कर सकती हैं.
घरेलू उत्पादन को बढ़ावा
सरकार के इस कदम से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि टैक्स सिर्फ उसी तेल पर घटाया है जिसका उत्पादन देश में हो रहा है
विंडफॉल टैक्स में कटौती 2 दिसंबर से लागू हो जाएगी
नए फैसले के बाद देश में निकाले गए तेल पर विंडफॉल टैक्स घटकर 4900 रुपए प्रति टन हो गया है. वहीं डीजल एक्सपोर्ट्स पर यह घटकर 6.5 रुपए प्रति लीटर पर आ गया है. सरकारी आदेश के मुताबिक, विंडफॉल टैक्स में यह बदलाव 2 दिसंबर से लागू होगा.
क्या है विंडफॉल टैक्स?
विंडफॉल टैक्स ऐसी कंपनियों या इंडस्ट्री पर लगाया जाता है, जिन्हें किसी खास तरह परिस्थितियों में तत्काल काफी लाभ होता है. भारत की तेल कंपनियां इसका अच्छा उदाहरण हैं. यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया. इससे तेल कंपनियों को काफी फायदा मिला था. रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण तेल कंपनियां भारी मुनाफा काट रही थीं, इसलिए उन पर विंडफॉल टैक्स लगाया गया था. भारत ही नहीं इटली और यूके ने भी अपनी एनर्जी कंपनियों पर यह टैक्स लगाया था.
जेट फ्यूल की कीमतों में भी कटौती
वहीं. हवाई यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. जल्द ही आपकी जेब को राहत मिल सकती है. दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दामों में नरमी आने के बाद एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दामों में गुरुवार को 2.3 फीसदी की कटौती की गई. सार्वजनिक क्षेत्र की तेल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा जारी मूल्य नोटिफिकेशन के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में एटीएफ की कीमत 2,775 रुपये प्रति किलोलीटर या 2.3 फीसदी घटाकर 1,17,587.64 रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई है.