राजनांदगांव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता ने गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के नगरीय निकायों में चल रहे विकास कार्यों और शहरी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव ने कहा कि नगरीय निकाय किसी भी प्रदेश की विकास व्यवस्था की रीढ़ होते हैं, जहां नागरिकों को सीधे तौर पर बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे शासन की योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्यों में टीम वर्क और आपसी समन्वय को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के प्रत्येक वार्ड में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो अपने-अपने क्षेत्रों की नियमित निगरानी करें और पूरी जानकारी रखें। नोडल अधिकारी डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्वच्छता व्यवस्था और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की स्थिति पर विशेष ध्यान दें।
सचिव ने कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत राशि का उपयोग गुणवत्तापूर्ण कार्यों में किया जाए और सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूर्ण हों। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने, जमीन स्तर पर निरीक्षण करने और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।
बरसात के मौसम को देखते हुए उन्होंने जलभराव संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और बारिश से पहले नालियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू करने पर भी जोर दिया, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्माणाधीन आवासों के छत, प्लिंथ और फाउंडेशन कार्य को बारिश से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी आवासों की जियो टैगिंग और हितग्राही सत्यापन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने को कहा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और शहर की सफाई व्यवस्था पर भी विशेष समीक्षा की गई। सचिव ने कहा कि स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए सफाई कर्मियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बैठक में बताया कि नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए शासकीय भूमि पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना पर काम किया जा सकता है। साथ ही बिजली खर्च कम करने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक में अमृत मिशन 2.0, पीएम स्वनिधि योजना, सड़क एवं नाली निर्माण, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और नालंदा परिसर जैसे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अंत में सचिव ने सभी अधिकारियों को जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने और शहरों के विकास व स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।