छत्तीसगढ़ में सक्रिय मौसमी तंत्र से आसमान में घने बादल उमड़ आए हैं। रायपुर में दोपहर में भारी गरज-चमक के साथ बरसात शुरू हुई। लेकिन भारी बरसात कुछ मिनटों तक ही रही। उसके बाद हल्की बूंदाबांदी में बदल गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में ऐसे ही हल्की और मध्यम स्तर की बारिश होगी। एक-दो स्थानों पर भारी बरसात की संभावना जताई जा रही है।
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने और भारी बरसात होने की भी संभावना है। प्रदेश में भारी बरसात का क्षेत्र मुख्यतः सरगुजा, बिलासपुर और उससे लगे दुर्ग और रायपुर संभाग के जिलों में हो सकता है। अनुमान है कि रायपुर शहर में अगले 24 घंटों तक आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे। शाम या रात को बरसात हो सकती है। बिजली गिरने की भी संभावना जताई जा रही है। दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।
गुरुवार को भी ऐसी ही स्थिति
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 23 सितंबर को भी प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। ऐसे स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने का भी अनुमान है।
अगले सप्ताह बस्तर में भारी बारिश
मौसम विभाग ने अगले सप्ताह बस्तर संभाग के जिलों में भारी बरसात की संभावना जताई है। रायपुर मौसम केंद्र के विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, 26 से 28 सितंबर तक बस्तर संभाग में व्यापक वर्षा की संभावना है। बस्तर में कांकेर जैसे कुछ जिलों में अभी भी बारिश का कोटा पूरा नहीं हो पाया है।
मंगलवार को 12 जिलों में बरसात ही नहीं हुई
मौसम विभाग की रिपोर्ट बताती है कि मंगलवार को प्रदेश के 12 जिलों में बरसात ही नहीं हुई। इनमें सूरजपुर, कोरिया, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, कांकेर, कोण्डागांव, बस्तर और दंतेवाड़ा शामिल हैं। रायपुर, गरियाबंद और नारायणपुर में बहुत हल्की बरसात हुई। वहीं सुकमा, महासमुंद, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा में मूसलाधार पानी बरसा है..