भिलाई १९ अप्रैल
नींबू की तरह अब मेथी भाजी भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो चुकी है। कुछ महीने पहले तक 30-40 रुपए किलो बिकने वाली मेथी भाजी वर्तमान में 120 रुपए किलो में मिल रही है। दुर्ग जिले में व्यापारियों को किसानों के यहां से 60-70 रुपए प्रति किलो में मेथी मिल रही है। इससे उन्होंने मेथी बेचना ही बंद कर दिया है। कुछ जगह मेथी भाजी मिली भी रही है तो उसके दाम 120 रुपए किलो हैं।
मेथी के दाम शतक पार करने के बाद त्वरित खबरे की टीम दुर्ग जिले की सब्जी मंडी इंदिरा मार्केट पहुंची। टीम ने यहां मेथी भाजी के बारे में पता किया तो यहां के व्यापारियों ने कहा कि उन्होंने मेथी भाजी लाना ही बंद कर दिया। उनके पास पालक, चौलाई, लाला भाजी, खट्टा भाजी सहित कई तरह की भाजी मिली, लेकिन मेथी भाजी नहीं थी। कुछ ही जगह पर मेथी भाजी नजर आई।
गर्मी में पैदावार भी कम
हरी भाजी व सब्जी बेचने वाली फूलबाई ने कहा कि मेथी की फसल खऱाब हो गई है। साथ ही गर्मी में मेथी की पैदावार भी कम होती है। किसान खुद मेथी भाजी काफी महंगे दाम पर दे रहा है। दूसरे व्यापारी विजय कुमार मौर्य ने बताया कि गर्मी में मेथी का पैदावार काफी कम हो जाती है। किसान के यहां से 60-70 रुपए किलो में मेथी लाकर मंडी में फुटकर रेट में 110 से 120 रुपए किलो में मेथी बेचना पड़ता है। इतने महंगे रेट में ग्राहक मेथी खरीदता ही नहीं है। एक दिन भाजी न बिकी तो व्यापारी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। यही कारण है कि व्यापारियों ने मेथी भाजी बेचना ही बंद कर दिया है।
नींबू के दाम 10 रुपए में एक
मेथी भाजी की तरह ही नीबू के दाम भी आसमान छू रहे हैं। पहले जो नीबू मंडी में 10 रुपए में 5-6 मिलता था। अब वह 10 रुपए में एक मिल रहा है। अधिक नींबू खरीदने पर 25 रुपए में तीन और 100 रुपए में 13-14 अच्छे नींबू बिक रहे हैं।
डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों का भी असर
मेथी भाजी के बढ़ते दाम के बारे में हमने सब्जी विक्रेता रामलाल से भी पूछा तो उन्होंने बताया कि मेथी का सीजन न होना से दाम बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है। इसके पीछे एक वजह और भी है वह है पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम। डीजल और पेट्रोल के दामों में वृद्धि की वजह से भी इन सब्जियों पर असर पड़ रहा है।