भिलाई नगर निगम में 25 मार्च को होने वाली आमसभा काफी हंगामेदार होने वाली है। इसकी झलक मंगलवार को भाजपा पार्षदों के अनोखे प्रदर्शन के दौरान देखने को मिली। पार्षदों ने भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव और उनके भाई धर्मेंद्र यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इनके दबाव के चलते भाजपा पार्षदों के वार्डों सफाई व्यवस्था चौपट हो चुकी है। अगर कोई सफाई सुपरवाइजर वहां सफाई करवाता है तो निगम के अधिकारी उसका ट्रांसफर कर दे रहे हैं। पार्षदों ने चेतावनी दी कि अगर 25 मार्च तक व्यवस्था नहीं सुधरी तो आमसभा की बैठक में वह लोग फावड़ा और तगाड़ी लेकर जाएंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
भाजपा के कुछ पार्षदों ने मंगलवार को मिलकर सफाई व्यवस्था के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। वह लोग खुद कचरे से भरा रिक्शा चलाकर नगर निगम पहुंचे। इसके बाद उन्होंने निगम के गेट में कचरा फेंककर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वार्ड 25 के पार्षद नोहर वार्मा का आरोप है कि उनके वार्ड में कचरा उठाने के लिए जेसीबी और डंपर नहीं भेजा जा रहा है। सफाई न होने की शिकायत के बाद भी सफाई एजेंसी को अधिकारी नोटिस नहीं दे पा रहे हैं। अगर वो लोग सफाई करवाते हैं तो धर्मेंद्र यादव जेसीबी को बुलवाकर अपने यहां खड़ा करवा देता है।
वार्ड 58 सेक्टर 4 की पार्षद ईश्वरी ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। सफाई के लिए जब भी डंपर मांगों तो कहते हैं कि डंपर नहीं है। खराब है। स्टेट ऑफिस से मांगो। वार्ड 53 की पार्षद शकुंतला साहू का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी बोलते हैं कि आप भाजपा के पार्षद हो आपको कोई सुविधा नहीं दी जाएगी। कर्मचारी बोलते हैं मैडम हमारे ऊपर दबाव है हम आपके वार्ड में साफ सफाई नहीं कर सकते हैं। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि भाजपा पार्षदों के वार्डों में सफाई नहीं करना है।
सोनिया गांधी नगर वार्ड 38 के पार्षद पीयूष मिश्रा का आरोप है कि भाजपा पार्षदों के वार्डों में साफ सफाई तथा अन्य कार्यों को लेकर भेद भाव किया जा रहा है। उनके वार्डों के सफाई सुपरवाइजरों को निर्देश दिया जा रहा है की भाजपा पार्षदों के वार्डों में सफाई कार्य नहीं होना चाहिए। यदि कोई कर्मचारी कार्य करता है तो उसका वहां से स्थान्तरण कर दिया जा रहा है या काम से निकाल दिया जा रहा है।
विधायक के भाई का प्लॉट और घर साफ कर रहे निगम कर्मी
पार्षद पीयूष मिश्रा का आरोप है कि वार्डों की सफाई नहीं हो रही है। निगम के अधिकारी सफाई कराने की जगह सफाई कर्मियों को विधायक के आवास और उनके बड़े भाई के विवादित प्लॉट को साफ करने में लगा रहे हैं। विधायक के सेक्टर-5 निवास पर निगम के कर्मचारियों को लगाया गया है।
सफाई एजेंसी पर नहीं हो रही कार्रवाई
वरिष्ठ पार्षद पीयूष मिश्रा ने कहा कि निगम की सफाई एजेंसी के खिलाफ सामान्य सभा में जांच का आदेश हुआ था। इसके बाद भी उसी एजेंसी से सफाई का काम इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि एजेंसी धारक तो एक मोहरा है। उसकी आड़ में कुछ लोग कमीशनखोरी कर रहे हैं। उनकी पहुंच के चलते ही निगम का कोई भी अधिकारी सफाई एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने यहां तक की नोटिस देने की हिम्मत नहीं कर रहा है।