भिलाई सेक्टर 9 हॉस्पिटल के सीएमओ डॉ. प्रमोद विनायके के भाई रोहित विनायके की सड़क हादसे में मौत

त्वरित ख़बरें - दोस्त को छोड़ने उसके घर जा रहे थे, सामने से आ रही कार ने मार दी टक्कर; एक घायल

भिलाई सेक्टर 9 हॉस्पिटल के सीएमओ डॉ. प्रमोद विनायके के भाई रोहित विनायके की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह माना रायपुर निवासी अपने दोस्त शंकर प्रसाद राय को उनके घर छोड़ने जा रहे थे। एयरपोर्ट रोड में सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इससे दोनों कारों के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में शंकर प्रसाद राय को भी गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन उपचार के बाद अब वह खतरे से बाहर हैं। इधर, रोहित विनायके के भिलाई स्थित घर में मातम पसरा हुआ है।

42 वर्षीय रोहित विनायके ऑर्चिड प्लाईवुड कंपनी में मैनेजर थे। वह 14 फरवरी को अपनी कंपनी में काम करने वाले शंकर प्रसाद राय के साथ अपनी कार से महासमुंद गए थे। वहां से लौटते समय रात अधिक हो जाने से वह शंकर को उसके घर माना कैंप छोड़ने जा रहे थे। रोहित अपनी कार से रायपुर एयरपोर्ट रोड से होते हुए माना की तरफ जा रहे थे कि रात 11 बजे के करीब फुंडहर में मैरिज पैलेस के सामने एक कार काफी रफ्तार में आई और रोहित की कार को सामने से टक्कर मार दिया। दुर्घटना में दोनों कार के के परखच्चे उड़ गए।                                                                 

दूसरी कार के में सावर दो युवक वहां से भाग गए। इसके बाद आसपास के लोगों ने पहुंचकर रोहित और उनके दोस्त को कार से बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के दौरान रोहित ने दम तोड़ दिया। वहीं उनके दोस्त शंकर राय का उपचार चल रहा है। उनकी हालत खतरे से बाहर है। दुर्घटना में रोहित के दाहिने हाथ, दायीं पसली और शरीर में अंदरुनी चोट आई थी। अधिक खून बहने के कारण उनकी मौत होना बताया जा रहा है। डॉ. प्रमोद विनायके रोहित जैन विनायके के बड़े पिता के बेटे हैं। रोहित विनायके दो भाई हैं, जिसमें उनके बड़े भाई मोहित जैन विनायके ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। रोहित के दो बेटे आरव (11 साल) और प्रवर (7 साल) हैं। उनके जाने के बाद से उनकी पत्नी निकिता जैन काफी दुखी हैं।

राम नगर मुक्तिधाम में किया गया अंतिम संस्कार

दुर्घटना में रोहित की मौत की जानकारी मिलते ही पूरे परिवार में मातम पसर गया। सभी लोग तुरंत रायपुर पहुंचे। पीएम के बाद शव मिलने पर शोकाकुल परिवार भिलाई पहुंचा। इसके बाद पूरे विधि विधान से रामनगर मुक्तिधाम में रोहित का अंतिम संस्कार किया गया।