रायपुर ,में नाबालिग से दुष्कर्म के अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और समय-सीमा के भीतर चालान पेश किए जाने से पीड़िता को न्याय मिलने का रास्ता प्रशस्त हुआ।
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्धारित समय के भीतर विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए। उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया गया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले यौन अपराध गंभीर प्रकृति के होते हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
इस फैसले के बाद पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित जांच और समयबद्ध कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, पीड़िता के परिजनों ने न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है।