जिले में मिशन वात्सल्य योजना के तहत बच्चों को मिला संरक्षण और इलाज

त्वरित ख़बरें - दीपमाला शेट्टी रिपोर्टिंग

बेमेतरा 02 अप्रैल 2025/- मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के संरक्षण और देखभाल के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, बेमेतरा जिले की दूरस्थ पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के दौरान, आऊटरीच वर्कर राजू प्रसाद शर्मा ने विकासखंड बेरला के ग्राम केशडबरी में तीन जरूरतमंद बच्चों की पहचान की। इनमें एक 13 वर्षीय बालिका और 10 व 8 वर्ष के दो बालक शामिल थे, जो किसी गंभीर असाध्य बीमारी से पीड़ित थे। उनके हाथ-पैर में गहरे घाव थे जिससे उन्हें असहनीय कष्ट हो रहा था।

      बच्चों की पारिवारिक स्थिति अत्यंत दयनीय थी। उनकी माता भी इस असाध्य रोग से पीड़ित होकर परिवार को छोड़कर चली गई थी, जबकि पिता मानसिक रोगी थे। बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं था, जिससे वे सरकारी योजनाओं जैसे राशन और शाला प्रवेश से वंचित थे। उनकी देखभाल उनकी वृद्ध दादी द्वारा जैसे-तैसे की जा रही थी। 13 वर्षीय बालिका मजदूरी करके अपने छोटे भाइयों के लिए भोजन तैयार करती थी।

       इस स्थिति की जानकारी मिलते ही बालक कल्याण समिति ने तत्काल संज्ञान लिया। समिति की अध्यक्ष श्रीमती निवेदिता शरद जोशी एवं सदस्य प्रफुल शर्मा ने ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीणों के सहयोग से बच्चों की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की चिरायू टीम को सूचित किया। तत्पश्चात, बच्चों को देवरबीजा उप स्वास्थ्य केंद्र से जिला चिकित्सालय स्थानांतरित किया गया। जिला चिकित्सालय में चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कराकर बच्चों का इलाज शुरू किया गया, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ध्रुव ने इस कार्य में सहयोग प्रदान किया। महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बच्चों को नए कपड़े और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।

बाल संरक्षण समिति के सदस्य प्रफुल शर्मा, आऊटरीच वर्कर राजू प्रसाद शर्मा एवं अन्य संबंधित अधिकारी सात दिनों तक लगातार चिकित्सालय जाकर बच्चों की स्थिति पर नजर बनाए रहे। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्किन टेस्ट हेतु सैंपल रायपुर एम्स के डर्मेटोलॉजी विभाग द्वारा कर्नाटक भेजा गया। रिपोर्ट आने के बाद आगे का उपचार किया जाएगा। समिति के प्रयासों से बच्चों के आधार और आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत के सहयोग से बच्चों के लिए आवास स्वीकृत किया गया है, जिसका निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, बच्चों के जीवन यापन और चिकित्सा सहायता के लिए राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने के निर्देश भी जिला बाल संरक्षण अधिकारी को दिए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल कल्याण समिति के इस सराहनीय प्रयास से इन बच्चों को जीवन की नई आशा मिली है।