विरोध, विवाद और आरोपों के बीच गुरुवार को उदयपुर पैलेस का ताला खोला गया। ताला खुलने के साथ हंगामा शुरू हो गया। खैरागढ़ के राजा स्व. देवव्रत सिंह की दूसरी पत्नी विभा सिंह ने पहली पत्नी पद्मा सिंह के भीतर आने से रोक दिया। तब बाहर मौजूद लोग विभा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पथराव करने लगे।
सुबह 11 बजे से परिवार के दोनों पक्षों के लोग उदयपुर में जुट गए थे। काफी चर्चा और विचार विमर्श के बाद पुलिस व प्रशासन की मौजूद में दोपहर 3 बजे पैलेस का ताला खुला। देवव्रत सिंह के बेटे राजा आर्यव्रत ने उदयपुर पैलेस का ताला खोला। आर्यव्रत और राजकुमारी शताक्षी सिंह के साथ पदमासिंह भी पैलेस के कमरे में दाखिल हो रही थी, जिस पर विभा सिंह ने आपत्ति जता दी। मौके पर दोनों पक्षों के वकील भी मौजूद थे। विभा सिंह की कड़ी आपत्ति के बाद पदमा को भीतर दाखिल नहीं होने दिया। आर्यव्रत, शताक्षी के साथ स्व. सिंह की तीनों बहनें भीतर दाखिल हुई, वहीं विभा सिंह भी अपने वकीलों के साथ कमरों में गई। इसके पहले काफी देर तक विभा सिंह पैलेस को खोलने का विरोध करती रही।
शाम होते पैलेस में फिर लगा ताला
परिवार के दोनों पक्षों के बीच काफी देर हुई चर्चा के बाद शाम करीब 6.30 बजे उदयपुर पैलेस में फिर ताला लगा दिया गया। विभा सिंह ने सभी को खैरागढ़ के पैलेस में चलने को कहा। यह सुनते ही भीड़ आक्रोशित होकर राजा यहीं रहो की नारेबाजी करने लगी।
मेन गेट तोड़ घुसी भीड़, सुरक्षा की तमाम व्यवस्था फेल
पैलेस के बाहर जुटी भीड़ विभा सिंह पर बच्चों पर अत्याचार करने और देवव्रत सिंह को लगातार प्रताड़ित करते रहने का आरोप लगा रही है। देर शाम जब आर्यव्रत सिंह के खैरागढ़ जाने की खबर फैली तो भीड़ और आक्रोशित हो गई, भीड़ में मौजूद कई महिलाएं मेन गेट को तोड़कर पैलेस के मैदान में जा घुसी। पुलिस की टीम भी भीड़ को नहीं संभाल पाई।
लॉकर की नहीं मिली चाबी, विभा ने तोड़ने से रोका
स्व. सिंह के कमरे में मौजूद लॉकर को खोलने चाबी खोजी गई। लेकिन लॉकर की चाबी कहीं भी नहीं मिली। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने लॉकर को तोड़ने की बात कही। लेकिन विभा सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए लॉकर तोड़ने से मना कर दिया।