रिसाली के पार्षदों की मुख्यमंत्री से मुलाकात
रिसाली का महापौर और सभापति कौन बनेगा भले इसे लेकर अधिक माथापच्ची न हो, लेकिन मुख्यमंत्री यह नाम बहुमत से ही तय करना चाहते हैं। यही कारण है कि जब गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के साथ रिसाली से विजेता कांग्रेस पार्षद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने उनके निवास पर पहुंचे तो उन्होंने उनके साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने पार्षदों पूछा कि रिसाली में महापौर और सभापति किसे बनाना चाहिए। इस पर पार्षदों ने यह निर्णय मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के ऊपर ही छोड़ दिया। इससे सीएम खुश हुए और कहा जल्द ही रिसाली की नगर सरकार का गठन किया जाएगा।
रिसाली नगर निगम के लिए हुआ यह निकाय चुनाव पहला चुनाव है। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का क्षेत्र होने के चलते ही यहां पहली बार कांग्रेस की नगर सरकार बन रही है। पहले निकाय चुनाव के बाद 23 दिसंबर को मतगणना में कांग्रेस को बहुमत मिला है। यहां कांग्रेस ने बहुमत के साथ अपना परचम लहराया है। कांग्रेस ने यहां 21 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं भाजपा को 12 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। इसके अलावा 7 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी है।
चुनाव जीतने के बाद गृहमंत्री ने किसी भी पार्षद को बाहर तो नहीं भेजा, लेकिन सभी को हिदायत दी गई थी कि बना जानकारी वह कहीं भी नहीं जाएंगे। इसके बाद गृहमंत्री रविवार सभी पार्षदों को लेकर सीएम हाउस रायपुर पहुंचे और वहां सभी लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने रिसाली के सभी विजेता कांग्रेस प्रत्याशियों का एक-एक कर मुख्यमंत्री से परिचय करवाया। सीएम ने सभी पार्षदों जीत की बधाई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उनके साथ मंत्रणा की और महापौर व सभापति के पद नाम पर चयन को लेकर उनकी राय मांगी। इस पर पार्षदों ने अंतिम निर्णय सीएम और गृहमंत्री पर डाल दिया, जिससे मुख्यमंत्री काफी खुश हुए।
मुलाकात के दौरान यह लोग भी रहे मौजूद
सीएम से मुलाकात के दौरान नव निर्वाचित पार्षदों के साथ ही रिसाली निगम के चुनाव प्रभारी सुदेश देशमुख, बृजमोहन सिंह, चुनाव संचालक जितेंद्र साहू, हेमंत बंजारे, संतोष देशमुख, विनोद गुप्ता, जाकिर अहमद, मोंटू तिवारी, राकेश मिश्रा, अमित, ओम प्रकाश साहू, हेमंत सोनी व रितेश सिंह आदि उपस्थित रहे।