छत्तीसगढ़ DMF घोटाला: ED की रेड में मिला 1 करोड़ कैश, कई ठिकानों पर छापेमारी

त्वरित ख़बरें : ज़ाफ़रान खान रिपोर्टिंग

छत्तीसगढ़ में कथित जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) घोटाले की जांच ने एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मामले में Directorate of Enforcement (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के कई शहरों में कांग्रेस नेताओं, कारोबारियों और कथित तौर पर इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान ईडी को करीब एक करोड़ रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरबा और धमतरी जिलों में सबसे अधिक नकदी बरामद हुई है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में लिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी बिलिंग और DMF फंड के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की जांच के तहत की गई है। DMF फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास कार्यों को बढ़ावा देना होता है। आरोप है कि इन योजनाओं के लिए आवंटित राशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के बजाय अन्य कार्यों में किया गया या फिर कथित तौर पर फर्जी कंपनियों और ठेकेदारों के माध्यम से धन का दुरुपयोग किया गया।

ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर धन के प्रवाह और कथित लाभार्थियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। एजेंसी अब जब्त किए गए रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही है।

इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा है कि राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, ईडी ने स्पष्ट किया है कि उसकी कार्रवाई उपलब्ध दस्तावेजों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की जा रही है।

गौरतलब है कि DMF फंड से जुड़े मामलों को लेकर पहले भी कई सवाल उठते रहे हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनाए गए इस फंड की पारदर्शिता और उपयोगिता को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। ऐसे में ईडी की ताजा कार्रवाई को इस मामले की जांच में अहम कदम माना जा रहा है।

फिलहाल जांच एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पूछताछ का दायरा बढ़ सकता है और कुछ लोगों को समन भी जारी किए जा सकते हैं। अब सभी की नजर ईडी की अगली कार्रवाई और जांच से सामने आने वाले नए खुलासों पर टिकी हुई है।