संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार, 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो रहा है

त्वरित खबरे- दामिनी साहू रिपोर्टिंग

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार, 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो रहा है और 19 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठकें होंगी।

* विपक्ष का मुख्य मुद्दा: चुनावी रोल का विशेष गहन संशोधन (SIR):- विपक्षी दल सत्र के पहले दिन से ही सरकार को 12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे चुनावी रोल के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में हैं।

 * विपक्ष की मांग: विपक्षी दल, जैसे कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी, SIR पर तत्काल और व्यापक चर्चा की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यह अभ्यास अव्यवस्थित, एकतरफा है, और इससे बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है, जिसके कारण कुछ BLOs की मौत भी हुई है।

 * सपा का रुख: समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने स्पष्ट कहा है कि अगर SIR पर चर्चा नहीं हुई तो वे सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे।

 * मुख्य चिंता: विपक्ष का आरोप है कि इस संशोधन प्रक्रिया के नाम पर लाखों मतदाताओं को चुनावी सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र की हत्या जैसा है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव भी पेश किया है।

 * सरकार का रुख: सरकार ने सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील की है। सरकार का तर्क है कि SIR चुनाव आयोग (ECI) द्वारा किया जाने वाला एक प्रशासनिक अभ्यास है, जिस पर वह सीधे जवाब नहीं दे सकती।

📜 सरकार का एजेंडा और प्रमुख विधेयक

सरकार ने इस सत्र के लिए अपने विधायी एजेंडे में 10 महत्वपूर्ण नए विधेयक पेश करने और विचार करने के लिए सूचीबद्ध किए हैं।

 * प्रमुख विधेयक: इनमें परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी खिलाड़ियों के लिए दरवाजे खोलने से संबंधित विधेयक, उच्च शिक्षा ढांचा सुधार विधेयक, और बीमा तथा कॉरपोरेट/पूंजी बाजार के क्षेत्रों में बदलाव से संबंधित विधेयक शामिल हैं।

 * उद्देश्य: इन विधेयकों का उद्देश्य परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा और व्यापारिक सुगमता (ease of doing business) जैसे क्षेत्रों में सुधार करना है।

🗓️ चुनाव आयोग का SIR पर फैसला

सत्र शुरू होने से ठीक पहले, चुनाव आयोग ने 12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों (जिनमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं) में SIR की समय-सीमा को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है।

 * संशोधित समय-सीमा: अब फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर है और अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

 * आयोग का कारण: आयोग ने यह विस्तार BLOs द्वारा राजनीतिक दलों के बूथ-स्तरीय एजेंटों (BLAs) के साथ विवरण साझा करने के लिए अतिरिक्त समय सुनिश्चित करने के लिए दिया है ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे।

कुल मिलाकर, शीतकालीन सत्र में चुनावी रोल के संशोधन (SIR), राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, और राज्यपालों द्वारा राज्यों के विधेयकों को रोके जाने जैसे संघीय मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण तनावपूर्ण और हंगामेदार रहने की संभावना है।

क्या आप चाहते हैं कि मैं सरकार के एजेंडे में शामिल प्रमुख विधेयकों के बारे में और जानकारी दूँ?