40वीं वाहिनी आईटीबीपी डोंगरगढ़ द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक व्यापक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

त्वरित ख़बरें - दीपमाला रिपोर्टिंग

राहुल ओझा डोंगरगढ़ ब्यूरो प्रमुख :-आज दिनांक 05 जून 2025 को 40वीं वाहिनी आईटीबीपी डोंगरगढ़ द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक व्यापक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ किया गया। यह कार्यक्रम श्री तेजभान सिंह कमांडेंट के प्रेरणादायक मार्गदर्शन तथा श्री बिनोद कुमार द्वितीय कमान अधिकारी के नेतृत्व तथा डॉ. ए. बलराज मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के उपस्थिति में संपन्न हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य जवानों में पर्यावरणीय चेतना का विकास करना, हरित भारत अभियान को बल देना तथा वृक्षारोपण के माध्यम से पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना था।

कार्यक्रम की शुरुआत बल परिसर में एक संक्षिप्त सभा के साथ हुई। जिसमें पर्यावरण संरक्षण के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। इसके उपरांत अधिकारियों अधीनस्थ अधिकारियों तथा जवानों द्वारा बाहिनी परिसर में विविध प्रजातियों के पौधों का सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया गया। वृक्षों में प्रमुखतः नीम आम, पीपल, अशोक, अर्जुन एवं औषधीय गुणों से युक्त तुलसी तथा गिलोय जैसे पौधे सम्मिलित थे। वृक्षारोपण न केवल औपचारिकता थी. बल्कि उसे एक संकल्प और दायित्व के रूप में ग्रहण किया गया।

इस अवसर पर श्री विनोद कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी ने उपस्थित सभी कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति के साथ हमारा संबंध केवल भौतिक नहीं. बल्कि आत्मिक है। यदि हमें सतत विकास की दिशा में बढ़ना है तो पर्यावरण की रक्षा सबसे पहली शर्त है। वृक्ष हमें प्राणवायु, छाया, औषधि और स्थिर जलवायु प्रदान करते हैं। अतः यह हम सभी का नैतिक कर्तव्य है कि हम अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं उनका संरक्षण करें और भावी पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ एवं हरित वातावरण प्रदान करें।

उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण दिवस केवल एक प्रतीकात्मक तिथि नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह हमारे जीवन का सतत हिस्सा बनना चाहिए। इसके लिए हर व्यक्ति को अपने स्तर पर पहल करनी होगी चाहे वह वृक्ष लगाना हो जल संरक्षण करना हो या प्लास्टिक का प्रयोग कम करना हो। इस अवसर पर सभी जवानों ने शपथ ली कि वे समाज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

40वीं वाहिनी आईटीबीपी द्वारा यह आयोजन न केवल पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है बल्कि यह समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य-बोध का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।