वर्ल्ड अपडेट्स:पीएम मोदी अगले महीने फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर जाएंगे, G7 समिट में हिस्सा लेंगे
त्वरित खबरे ;हर्ष कुमार गुप्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर जाएंगे, जहां वे कई अहम द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेने के साथ-साथ जी-7 समिट में भी भाग लेंगे। यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी का यह दौरा यूरोप के साथ भारत के आर्थिक, रक्षा और तकनीकी संबंधों को नई गति देने पर केंद्रित रहेगा। फ्रांस में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक रणनीति, जलवायु परिवर्तन और व्यापारिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। भारत और फ्रांस के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं और दोनों देशों के बीच रक्षा सौदों तथा अंतरिक्ष सहयोग को लेकर कई अहम समझौते पहले ही हो चुके हैं।

फ्रांस में आयोजित होने वाली जी-7 समिट में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के साथ वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होगी। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति, ऊर्जा संकट, वैश्विक आर्थिक स्थिरता और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे एजेंडे में शामिल रहेंगे। भारत को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति और तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है, इसलिए जी-7 देशों की नजरें भी भारत की भूमिका पर टिकी रहेंगी। प्रधानमंत्री मोदी समिट के दौरान कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से द्विपक्षीय मुलाकातें भी कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इस मंच पर भारत ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती से उठाएगा और विकासशील देशों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देगा।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया का दौरा करेंगे, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री का लंबे समय बाद होने वाला महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है। स्लोवाकिया के साथ भारत के संबंधों को व्यापार, ऑटोमोबाइल उद्योग, रक्षा निर्माण और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में विस्तार देने पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए नए समझौते भी किए जा सकते हैं। यूरोप में भारत की बढ़ती रणनीतिक मौजूदगी के लिहाज से यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह यूरोपीय दौरा वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत होती स्थिति और बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा देगा।

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