छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में संचालित विवेकानंद आश्रम के प्रमुख स्वामी सत्यरूपानंद का रविवार को निधन हो गया। पिछले कई सालों से वो रामकृष्ण मिशन के सचिव के तौर पर अपनी सेवाएं छत्तीसगढ़ में दे रहे थे। वो स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानकर रायपुर के आश्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्म के कार्यक्रमों को संचालित करते थे। रविवार को अचानक उनके निधन की खबर सामने आई है।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि ‘हमारे आत्मीय संतोष भैया यानी स्वामी सत्यरूपानंद जी महाराज जी के देहावसान की सूचना से दिल संताप से भर गया। वे लंबे समय से रामकृष्ण मिशन विवेकानंद आश्रम रायपुर के सचिव थे। उनका जाना मेरी व्यक्तिगत और छत्तीसगढ़ की अपूरणीय क्षति है।’ स्वामी आत्मानंद महाराज के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की और जीवन पर्यंत समाज सेवा में समर्पित रहे। उनके प्रवचनों के लिए उन्हें दुनिया भर में याद रखा जाएगा।
सत्यरूपानंद के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ‘रामकृष्ण आश्रम के प्रमुख स्वामी सत्यरूपानंद जी के निधन का समाचार बेहद दुःखद व मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने मुझे सदैव बड़े भाई की तरह स्नेह दिया। मेरे लिये वो संतोष भैया थे, हर सुख-दुःख में उनका आशीष मुझे मिला। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।’ स्वामी सत्यरूपानंद जी मेरे अभिभावक की तरह थे। जीवन के मुश्किल समय में उन्होंने धीरज बंधाये रखा। मैं भरोसा नहीं कर पा रहा हूं कि आज उनका साथ छूट गया। वो ब्रह्मलीन हो गए। उनके अंतिम दर्शन करके मन व्यथित व पीढ़ा से भरा है। उनके विचार, संस्कर सदैव मेरा मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे।

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