विजिबल पुलिसिंग के लिए जिलों में शुरू की गई पहल
त्वरित ख़बरें - पुलिस पर भरोसा बढ़े इसलिए एसपी-थानेदार पहुंच रहे लोगों तक चौपाल लगाकर सुन रहे समस्याएं, मौके पर निराकरण भी कर रहे

लोगों के मन में पुलिस के लिए भराेसा बढ़े, इसलिए एसपी से लेकर थानेदार उनके बीच पहुंच रहे हैं। गांव में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और स्थानीय स्तर पर मामले खत्म करने के लिए पहल भी कर रहे हैं। यही नहीं, दूसरे विभागों से जुड़े मामलों में भी समन्वय बनाकर शिकायतें दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। खास बात यह है कि लोगों से छत्तीसगढ़ी और स्थानीय बोली में संवाद कर रहे हैं, जिससे कि वे ज्यादा सहज होकर पुलिस से अपनी बात रख सकें।

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में आईजी-एसपी कांफ्रेंस में सीएम भूपेश बघेल ने विजिबल पुलिसिंग के साथ-साथ जनदर्शन के जरिए लोगों से संवाद करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीजीपी अशोक जुनेजा ने भी सभी जिलों को अपने स्तर पर भी विजिबल पुलिसिंग के लिए पहल करने पर जोर दिया था।

चौपाल: घरेलू हिंसा की सजा सुनी तो मारपीट से तौबा
पुलिस और लोगों के बीच सीधा संवाद हो इसलिए कोरबा में चौपाल कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें थानेदारों को गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और स्थानीय स्तर पर मामलों को हल करने के निर्देश हैं। एसपी भोजराम पटेल भी गांव में जा रहे हैं। इसी कड़ी में जब वे करुमौहा गांव पहुंचे तो वहां एक महिला ने अपने पति के खिलाफ मारपीट की शिकायत की।

एसपी ने बताया कि घरेलू हिंसा में कितनी सजा है। इस पर व्यक्ति ने माफी मांगी। साथ ही, नशा नहीं करने की बात कही। खारे पानी की शिकायत पर एसपी ने साफ पानी की व्यवस्था के लिए कलेक्टर से बात की। 10 हजार कर्ज वापस नहीं करने की शिकायत का भी मौके पर निराकरण किया।

दफ्तर नहीं पहुंचे तो गांव में सुन रहे शिकायतें
आईजी-एसपी कांफ्रेंस में सीएम ने जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए कहा था। कवर्धा एसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने जनदर्शन को लोगों तक ले जाने का फैसला किया, जिससे जो लोग दफ्तर नहीं पहुंच सकते, वे भी अपनी बात पहुंचा सकें। एसपी अब अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जाकर जनदर्शन लगा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी में ही समस्याओं को दूर कर सकें।

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