दुर्ग, राज्य शासन के निर्देशानुसार “सही दवा-शुद्ध आहार - यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के अंतर्गत प्रदेशभर में 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य आमजन को सुरक्षित दवाओं एवं शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा खाद्य एवं औषधि नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में जिले के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच की कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के ग्यारहवें दिवस एवं चतुर्थ चरण के द्वितीय दिवस 07 मई को औषधि शाखा द्वारा कोटपा (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) के अंतर्गत विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान जिले के ग्रामीण क्षेत्रों करंजा भिलाई, जेवरा-सिरसा एवं समोदा में तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया। अधिकारियों ने आम नागरिकों को बताया कि तंबाकू सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और इससे कैंसर, हृदय रोग एवं श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
निरीक्षण के दौरान जिन पान ठेलों, दुकानों एवं होटलों में कोटपा एक्ट का उल्लंघन पाया गया, उन पर सख्त कार्रवाई की गई। कुल 32 स्थानों पर औषधि निरीक्षकों एवं पुलिस दल द्वारा संयुक्त रूप से नियमानुसार चालानी कार्यवाही की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं खुले प्रदर्शन पर रोक के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही दुकानदारों को भविष्य में नियमों का पालन करने की चेतावनी भी दी गई।
इसी क्रम में खाद्य शाखा द्वारा जिले में संचालित विभिन्न ढाबों एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण भी किया गया। इसमें रॉयल खालसा ढाबा (पुलगांव), ठाकरे ढाबा, खन्ना ढाबा (अंजोरा), केडीएम केडीबी स्टेशन रोड दुर्ग एवं साईं इंटरप्राइजेस दुर्ग शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत स्वच्छता, भंडारण व्यवस्था एवं खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की गई।
अधिकारियों ने पाया कि कई स्थानों पर वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री का उचित पृथक्करण नहीं किया जा रहा था, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। सभी संचालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि वे खाद्य सामग्री को अलग-अलग सुरक्षित भंडारण में रखें तथा भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। साथ ही रसोई एवं परिसर को नियमित रूप से साफ रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
विभागीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे अभियान का उद्देश्य जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री तथा स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है।

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