दुर्ग @ ग्राम सांकरा (कुम्हारी) परिक्षेत्र गोढ़ी में परिक्षेत्र साहू संघ गोढ़ी के तत्वावधान में परिक्षेत्र स्तरीय कर्मा जयंती महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम का भव्य आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भक्त माता कर्मा के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन के साथ की गई। इसके पश्चात अतिथियों का पारंपरिक रूप से शाल एवं श्रीफल भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विजय बघेल तथा ताम्रध्वज साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला साहू संघ के अध्यक्ष नंदलाल साहू ने की। वहीं अति विशिष्ट अतिथियों में सतीश साहू (विधायक प्रतिनिधि), ढाल सिंह साहू (अध्यक्ष, तहसील साहू संघ अहिवारा), अनुज साहू (संरक्षक, तहसील साहू संघ) एवं नटवर ताम्रकार (पूर्व अध्यक्ष, नगर पालिका अहिवारा) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इसके अलावा विशिष्ट अतिथियों के रूप में राम कुमार धनकर, उमेश्वर साहू, रामनारायण साहू, अशोक साहू, भूवनेश्वर साहू, महेश्वर साहू, बलराम साहू, लीला साहू, निकलेश साहू, डॉ. सी. एल. साहू, हेमंत साहू एवं अरुण साहू सहित समाज के कई प्रमुख जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए मां कर्मा हॉस्पिटल द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य लाभ लिया। साथ ही सामूहिक आदर्श विवाह के तहत दो जोड़ों का विधिवत एवं सादगीपूर्ण विवाह संपन्न कराया गया, जिसे समाज में आदर्श पहल के रूप में सराहा गया।
अपने उद्बोधन में ताम्रध्वज साहू ने कर्मा जयंती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसे मूल रूप से चैत कृष्ण पक्ष में मनाया जाना चाहिए, जिससे परंपराओं का सही स्वरूप बना रहे। उन्होंने समाज को एकजुट रहने और कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसके विचारों और एकता में निहित होती है।
मुख्य अतिथि विजय बघेल ने समाज की एकता को आवश्यक बताते हुए कहा कि संगठित समाज ही विकास की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने पर जोर दिया और कहा कि समाज के कार्यों के लिए पूर्व नियोजन बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में सभी समाजों का महत्वपूर्ण योगदान है और जनता के आशीर्वाद से ही उन्हें पुनः सांसद बनने का अवसर मिला है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर समाजजनों ने विभिन्न मांगों को अतिथियों के समक्ष रखा, जिनमें डोम शेड निर्माण की मांग प्रमुख रही। इस पर अतिथियों द्वारा सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया।
पूरे आयोजन में समाज के लोगों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही, जिससे कार्यक्रम सफल एवं प्रभावशाली रहा। यह आयोजन न केवल सामाजिक एकता का प्रतीक बना, बल्कि सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का भी एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।

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