पटवारियों की हड़ताल :सारथी एप की शिकायतों का नहीं हो रहा निराकरण, बटांकन सीमांकन जैसे मामले भी अटके...
त्वरित खबरें - निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ ब्यूरो

पटवारियों की हड़ताल से जिले के राजस्व महकमे की व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली, नक्शा बटांकन, डायवर्सन जैसे मामलों की फाइल तहसीलदार और एसडीएम के दफ्तरों में धूल खा रही है। आवेदनकर्ता नियमित रूप से राजस्व विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया है।

इतना ही नहीं बिना विवादित मामले भी लंबे समय से अटके हुए हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों सारथी एप शुरू किया गया। दावा किया गया कि इसके जरिए लोगों की शिकायतें ऑनलाइन सुनी जाएंगी, उनका त्वरित निराकरण किया जाएगा। ऐसा भी नहीं हो रहा। एप का व्यापक प्रचार-प्रसार भी नहीं किया गया।

लगातार लेटलतीफी सामने आने को कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई है। साथ ही तत्काल राजस्व के मामलों का निराकरण करने, सारथी एप का व्यापक प्रचार करने, जनदर्शन के आवेदनों को अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

जमीन के मामलों को लेकर भटक रहे किसान
भारतीय किसान संघ के बैनरतले किसानों ने मुख्यमंत्री से राजस्व के मामलों का निराकरण नहीं होने की शिकायत की है। दिए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि पटवारियों की हड़ताल का शीघ्र समाधान निकाला जाए। किसान के भूमि का पूरा हिसाब किताब पटवारी के पास होता है, ऐसे में पटवारियों की हड़ताल किसानों के लिए मुसीबत से कम नहीं है। पटवारी एक महीने से हड़ताल पर हैं।

कलेक्टर ने अविवादित मामलों की भी समीक्षा की
कलेक्टर पुष्पेन्द्र मीणा ने मंगलवार को राजस्व विभाग की बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली, नक्शा बटांकन, डायवर्सन की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागीय प्रकरणों के निराकरण में लेटलतीफी करने वाले वाले अधिकारियों को फटकार लगाई और सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन सर्वाेच्च प्राथमिकता से करने को कहा। बीएलओ घर घर जाकर वोटर सत्यापन के निर्देश भी दिए।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations