प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान अवैध रूप से संचालित, नहीं थम रही अवैधानिक कृतियाँ !!
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प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान  को दिया गया ढाई एकड़ जमीन का किया जा रहा है दुरुपयोग अध्यक्ष वीनू जैन पर है अवैध रूप से संचालन का बोझ अध्यक्ष के साथ विपिन बंसल एवं प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान के प्रिंसिपल राजेश पांडे की है गंभीर रूप से भागीदारी इनके द्वारा केंद्र व राज्य से डोनेशन के रूप में मिले राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है डोनेशन के अमाउंट को गोपनीय रखा जाता है जिसकी पारदर्शिता रखना एक संस्थान चलाने के लिए अत्यंत आवश्यक है निगम द्वारा दिया गया लीज समाप्त हो जाने पर भी प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान आज भी निरंतर पूर्व की तरह कार्यशील है सन 2016 में रिलीज समाप्त हो जाने के बावजूद आज वर्तमान 2021 को 5 वर्ष पूर्ण होने चला है आखिर किन कारणवश एक लंबे समय के बाद भी पिछले 5 वर्षों में इनको लीज नहीं मिल पाई और ना ही नवीनीकरण हो पाया क्या यह सोचने का विषय नहीं है क्योंकि प्रदान किए लीज के विपरीत यहां भूमि का निर्माण एवं  पुनर्निर्माण किया गया, प्रदान किए गए लीज के नियमों के विपरीत यहां मूकबधिर शाला के अतिरिक्त शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र एवं विशेष प्रकार की जांच व्यवस्था चलाई जा रही है जो कि निगम के लीज के नियमों का सरासर उल्लंघन करना है इनके द्वारा सरकार की अरबों की जमीन को हड़प कर रखा गया है प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान के अध्यक्ष एवं वहां के कर्मचारियों की लापरवाही को नजरअंदाज करते हुए छत्तीसगढ़, भिलाई, दुर्ग के शासन प्रशासन अपना आंख, नाक, कान, मुंह बंद करके बैठ गई है मानो शासन प्रशासन को यहां पर कुंभकरण का भूमिका अदा करना हो, कि शासन-प्रशासन लंबे समय से निद्रा अवस्था में है और कोई इनको अपने आवेदन, शिकायती आवेदन, सच्चाई या किसी प्रकार के प्रूफ होते हुए भी उठा नहीं सकता |

लगता हो जैसे प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान के अध्यक्ष की गुलामी कर रहा शासन-प्रशासन

नहीं तो क्या कारण हो सकती है कि अब तक इन पर कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई इतने शिकायतों के बावजूद इनके कान में जू तक नहीं रेंगती लगता हो जैसे उच्च अधिकारी भी मिलकर अवैध रूप से प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान की जी.ई. रोड सुपेला भिलाई के संचालन में अपना सहयोग दे रहे हो मिली सूत्रों से जानकारी के अनुसार प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान से प्रतिमाह सरकारी अधिकारियों के लिए एक बोनस अमाउंट निकलती है जिसकी संलिप्तता पर घोर उल्लंघन किया जाना चाहिए ऐसे अधिकारियों पर तत्काल दंडात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए इन को निलंबित कर देना चाहिए और छत्तीसगढ़ को भ्रष्ट अधिकारियों से मुक्त कर दिया जाना चाहिए |

समाज कल्याण विभाग को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जहां से अनुदान प्राप्त है वहां पर प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान में कार्य कर रहे सभी शिक्षकों व कर्मचारियों की टीम ने विपिन बंसल की शिकायत सन 2016 में की थी, तब से ही विपिन बंसल का गैर जिम्मेदारन व्यवहार अब तक जारी है कर्मचारियों की शिकायत के बाद जांच की प्रक्रिया लगातार 4 दिनों तक चली जांच में सभी आरोप जो कि कर्मचारियों की शिकायत द्वारा लगाए गए थे वह सही साबित हुई, जांच प्रतिवेदन रिपोर्ट के अंतिम पैराग्राफ में स्पष्ट लिख दिया गया कि प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान में भ्रष्टाचार व अनियमितताएं हुई है, शासकीय विभाग द्वारा प्रशासक नियुक्त करना उपयुक्त होगा किंतु पैसे एवं राजनीतिक दबाव के कारण कार्यवाही नहीं हुई कार्यवाही पर रोक लगा दी गई | 

जब से प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान में विपिन बंसल की नियुक्ति हुई तब से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की सीमा ही टूट गई है दिव्यांग बच्चों की शिक्षा शुल्क जिसे डोनेशन का नाम दे दिया जाता है छात्रावास में रहने वाले गरीब बच्चों को भी खाने, रहने की अनिवार्य रूप से बड़ी राशि देने के लिए उनको मजबूर कर दिया गया है, जबकि शासन द्वारा निशुल्क संस्था चलाए जाने को कहा है इस संस्था में अनुदान राशि  भी शासन द्वारा दी जाती है जानकारी के अनुसार विपिन बंसल के द्वारा पालकों को धमकी दी जाती है कि डोनेशन ना देने पर बच्चों को हॉस्टल से निकाल दिया जाएगा, यह भी कह सकते है जो  बाहर से पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य खराब करने में विपिन बंसल कोई भी कमी नहीं छोड़ रहा है किंतु पालको को फीस या डोनेशन देना ही है ऐसा अनिवार्य कर देना यह सरासर गलत है, क्योंकि शासन केद्वारा यह संस्था निशुल्क है और शासन के द्वारा उन्हें नियमित रूप से पर्याप्त डोनेशन दिया जाता है फिर भी बंसल  गरीब दिव्यांगों के साथ अन्याय कर रहाहै |

संस्था के लिज डीड में शर्तो का घोर उल्लंघन किया जा रहा है निशुल्क शिक्षा के नाम से दी गई जमीन पर निजी व्यवसायिक दुकान चलाया जाता है, नाक-कान की जांच के नाम पर मोटा शुल्क लिया जा रहा है वहीं के छात्रों को चिकित्सालय में रखकर भी अनुभवहीन विशेषज्ञ रखकर जमकर पैसे वसूला जाता है, त्रुटिपूर्ण जांच की कई अनगिनत शिकायते है मरीजों के साथ सरासर धोखाधड़ी किया जा रहा है, झूठे शपथ पत्र देकर स्थाई बी.ई.डी की अनुमति ले ली जाती है ,धोखाधड़ी करझूठे कागजात पेश कर छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर लाखों रुपए गबन किया जाता है और इन सब बात की पोल खुल जाने पर भी यहां वर्तमान में भी डीडीए, डीएलएचएस जैसे कोर्स की पढ़ाई कराई जा रही है जो कभी भी बंद की जा सकती है क्योंकि बिना लिज के इन पढ़ाई की अनुमति नहीं होती है किन्तु आज चार साल उपरांत भी इन कोर्स कोलगातार पढ़ाया जा रहा है जो की इन्हें बिना लिज में इसे चलाने का अधिकार ही नहीं आता,  छात्र/छात्राओं के पालक सावधान रहें बहकावे में ना आए |

प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान की नियमानुसार प्रोविडेंट फंड चिकित्सा सुविधा होनी चाहिए जो कि नही है केवल दो वेतन भोगियों कोलाखों रुपए वेतन देकर रखा गया है परंतु कर्मचारियों को किसी प्रकार की सुविधा नहींदी जा रही है किन्तु इन्हें तो समाज सेवक के तौर पर कार्य करने को  नहीं बल्कि संस्था को ही बंद कराने के लिए रखा गया है यह इनके कार्य से स्पष्ट हो रहाहै |

अपनी मनमर्जी से 15/20 वर्षों से कार्यरत गार्डों को केवल मौखिक आदेश देकर विपिन बंसल द्वारा एकाएक निकाल दिया जाता है इस तरह पूरे संस्थान पर विपिन ने कब्जा कर रखा है जिसकी शिकायत जिलाध्यक्ष, पुलिसविभाग, समाज कल्याण, न्यायालय में पूर्व में कई बार शिकायते दी जा चुकी है जिस दिन इस संस्था से बंसल अलग कर दिया जाएगा दूसरे दिन से ही शांति होगी शोषण,  भ्रष्टाचार, प्रताड़ना का दौर खत्म हो जाएगा | बंसल की दुकानदारी को संस्था में चलने देना संस्था को बर्बाद करना है, 70 वर्षों से जिस समाज सेवा ने प्रतिष्ठा बनाई थी अब सब कुछ बर्बाद होने जा रहा है वह दिन भी दूर नही रह गया है कि सब कुछ भस्म हो जाएगा क्यूंकि  संस्था में भस्मासुर ने अपना पैर फैलारखा है | 

संस्था में बंसल के आने के बाद से दर्जनोंशिकायत कलेक्टर, पुलिस विभाग को दिए गये है सभी शिकायतों में दमहै, सबूत है, जांच भी चली है, आरोप भी साबितकर लिख दिए गये है, परन्तु इस पर प्रशासन द्वारा उचित कार्यवाही कबहोगी यह भगवान ही जाने, फिर भी संचालकों को यह बातें क्यों समझ नहीं आती है यह भी सोचने लायक बात है | ऐसी क्या खास बात है जो की शासन विपिन बंसल का बचाव कर रही | 

विपिन बंसल जो टैक्सी चलवाता है यह किस तरह संस्था से जुड़ा और किस तरह टीचर कर्मचारियों को गुमराह कर बनाया गया संचालक इस बात को भी सोचना पड़ेगा बंसल को पिछले नौकरी से क्यों हाथ धोना पड़ा या निकाला गया ये बात अब किसी से छुपी नही है |

प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान में पढ़ रहे छात्र/छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति की राशि को यूको बैंक के माध्यम से प्राप्त किया किंतु उक्त जांच की तिथि तक छात्रवृत्ति का भुगतान छात्रों को नहीं किया गयाऔर ना ही बैंक पासबुक के सिलक में कोई बचत पाई गयी |

इसके अलावा संस्थान में कार्य कर रहे जितने कर्मचारी हैं उनको वर्तमान में सही समय पर वेतन भी नही दिया जा रहा है एवं उनके वेतन में पी.एफ के नाम से 02 साल का पी.एफ एक साथ कटेगा ऐसा बोलकर केवल 13 महीने का ही पी.एफ जमा किया गया है और दो साल का पीएफ के नाम से पैसे उनके वेतन से काटा गया और बाकी का आज तक कोई अता-पता नहीं है पिछले लंबे समय 15/20 साल से कार्यरत पुराने व्यक्तियों को बिना किसी कारण से एकाएक काम से निकाल दिया जाता है उनका वेतन भी नहीं दिया जाता और ना ही उनको निकालने का कुछ उचित कारण बताया जाता है और कुछ समय से कार्यरत कर्मचारियों को भी वेतन नहीं दिया जा रहा है ऐसे संचालक जो बच्चों का सहारा भी छीनने में बाज नहीं आते हैं ऐसे लोगों का पर्दाफाश करने में हम कभी पीछे नही हटेंगे इसकी जानकारी शासन और प्रशासन को भी बखूबी है पर जो संस्थान में मालिक बनकर बैठा व्यक्ति लगातार अपनी मनमानी किये जा रहा है जो अपने नाम को रईसों में बताता है और लोगों की चाटुकारिता करता है पहले भी उसके ऊपर एवं उसके मालिक के द्वारा पैसा गमन के मामले में उसे काम से निकाल दिया गया था लेकिन आज वह आदमी नहीं रहा तो उनके परिवार के सदस्यों से मिलकर यह दलालीगिरी में फिर से व्यस्त हो गया है इसके बारे में आप लोग भली-भांति जानते हैं कि यह दलालीगिरी कौन कर सकता है शिक्षकों का पी.एफ और वेतन खाने वाले को किस नजर से देखा जाए यह सवालिया निशान खड़ा होता हैइतना अवैध कार्य कर अपने काले कमाई को अंजाम देने वाले पर उचित कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि ऐसे लोग आम जनता को अपनी धौस दिखाकर उनका शोषण ना कर सके जरुरतमंदो कोलुट ना सके,  और सरकार को यूँ ही उल्लू ना बनाते रहे |

संस्था के कर्मचारी किशन दीप के अनुसार नियमित वेतन का पी.एफ तो काटा जाता था किन्तु कभी भी उस राशी को किसी के खाते में जमा नही किया जाता था जिसमें अन्य कर्मचारियों राधे लाल, कटेश्वर, कालिंद्रीबाई ठाकुर, शैलदेवी ने सहमति व्यक्त करके अपना हस्ताक्षर किया है कि जो राशि पी.एफ द्वारा कटना था उसे लिया तो गया परंतु वह कभी भी जमा नहीं किया गया |

श्रीमती कल्पना परमार ऑफिस असिस्टेंट\कंप्यूटर ऑपरेटर ने बताया कि यदि विपिन बंसल को अवकाश का उचित कारण बताया जाये तो भी अवकाश पत्र भेजने पर विपिन बंसल के द्वारा उचित रूप से अवकाश प्रदान नहीं किया जाता मजबूरन आने के  बाद भी समय पर वेतन नहीं प्रदान किया जाता अपनी बात रखने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाती है |

विपिन बंसल के द्वारा "संस्था" को कोई प्रस्ताव या विज्ञापन नहीं दिया जाता और केवल अपने हित अपने लालच को देखते हुए कर्मचारी व अन्य अधिकारियों को जब मन चाहे निकाल दिया जाता है और जब मन चाहे किसी को भी नियुक्त कर लिया जाता है जिसका कार्यालय में कोई भी रिकॉर्ड नहीं रखा जाता और ना ही प्रतिदिन उपस्थिति पंजी में कोई उपस्थिति दर्ज की जाती है मासिक वेतन भी सबको अपनी मर्जी से प्रदान किया जाता है जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता ना ही कोई पेमेंट स्लिप रखी जाती है |

यह विपिन बंसल ना तो ट्रस्टी है और ना ही अधिकारी किंतु ट्रस्टी को बिना सूचित किए अपने मन की सारी मनमानी कर रहा है जिससे सभी कर्मचारी मानसिक रूप से प्रताड़ित है अमर्यादित आचरण एवं व्यवहार ठीक नहींहोने के कारण सभी की स्थिति खराब है |

दान में दिए गए राशि को विपिन बंसल की यह जिम्मेदारी है कि वह छतिग्रस्त कमरों की, विद्युत लाइन की, पेयजल जैसे सभी संबंधित सुविधाओ को देखें और उसे ठीक कराएं किंतु उसके द्वारा कुछ भी सही नहीं किया जाता है और राशि का दुरुपयोग किया जाता है क्योंकि किसी भी चीज का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता इसलिए विपिन बंसल केवल अपनी जेब गर्म करने में लगा हुआ है इसके अलावा वर्तमान तक लिज की नवीनीकरण भी नहीं हुआ है सभी प्रकरण भी स्वयं विपिन बंसल अपने पास ही रखता है कर्मचारियों अधिकारियों के समस्त अधिकार स्वयं बीनू जैन मैनेजिंग ट्रस्टी का  नाम लेकर अपने पास रखता है मैनेजिंग ट्रस्टी व्यस्त रहते हैं ऐसा वीनू जैन इनका कहना है |

इसके अलावा पूर्व में बंसल के द्वारा पानी की चोरी भी की जा रही थी जिसकी शिकायत भी की गई थी और कार्यवाही में आरोप सही पाए गएथे किंतु फिर भी इन पर कोई दंडात्मक कार्यवाही नहीं की गई | आखिर क्या कारण है कि इतने साक्ष्य होने पर भी विपिन बंसल पर नहीं हो रही कोई कार्यवाही, क्या विपिन बंसल ने खिला रखे है सभी अधिकारीयों को पैसे ? क्या सब उसकेपैसे के चका चौंध के सामने सच्चाई को नहीं देख पा रहे हैं ? क्या हमारे छत्तीसगढ़ में इमानदारी नाम की कोई चीज नहीं रह गई है ? 

नेहरु नगर स्थित आनंद फ्रेश के डायरेक्टर अर्जुन जैन मैनेजर विपिन बंसल और उनका नौकर पराग कुरेशिया के द्वारा त्वरित खबरें अखबार को बदनाम करने एवं त्वरित खबरें अखबार की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जारही है जिसकी ऑडियो हमारे पास साक्ष्य के रूप में मौजूद है पराग कुरेशिया त्वरित खबरें के संपादक को बदनाम करने के लिए लोगों को ऐसा बताते हैं कि त्वरित खबरें का संपादक अभी-अभी जेल से निकला है और आनंद फ्रेश के डायरेक्टर व मैनेजर विपिन बंसल को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है जो कि हमारे पास ऑडियो एवं वीडियो मौजूद है अर्जुन जैन के मैनेजर विपिन बंसल द्वारा संपादक को खरीदने की कोशिश की गई थी लेकिन त्वरित खबरें ने इनकी कठोर निंदा करते हुए इनकी सच्चाई को सबके सामने लाना ही उचित समझा इनका न्यूज़ लगातार प्रकाशित करते रहे ताकि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाए हमने इनसे कोई साठ-गाठ नहीं किया न्यूज़ प्रकाशित किया गया ऑडियो भी वायरल किया गया हमारे द्वारा किंतु इनका नौकर पराग कुरेशीया त्वरित खबरें की छवि को धूमिल करने लोगों को अशोभनीय एवं उटपटांग बात बोल रहा है |

आनंद फ्रेश दूध के नाम से चल रहा जहां मिलावटी दूध बनाया जाता है जिसकी सारी साक्ष्य हमारे पास मौजूद है त्वरित खबरें अखबार व उसके संपादक के बारे में झूठा अफवाह फैलाने के विषय में हम इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं जो लोगों को कैंसर जैसी बीमारी बेच रहे हैं चंद पैसों के लालच में लोगों को जिंदगी भर बिमारी से ग्रसित  की ओर ढकेल रहे हैं आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं ना तो उनके दूध में और ना ही उनके दूध के किसी भी प्रोडक्टस में मैन्युफैक्चरिंग डेट होता है और ना ही एक्सपायरी डेट होता है फिर भी धड़ल्ले से यहां दूध इनके द्वारा बेचा जाता है और चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों को इनके द्वारा धमकाया चमकाया भी जाता है इतना सब कुछ इनके खिलाफ साक्ष्य होने के बावजूद शासन प्रशासन से त्वरित ख़बरें न्यूज़ इतना ही मांग करता है कि इन पर उचित कार्यवाही कर जनता को न्याय दिलाएं, ऐसे गैर कानूनी कार्य करने वालों पर तो शासन प्रशासन को दंडात्मक कार्यवाही जल्द से जल्द करनी चाहिए यदि आगे भी इस पर कोई उचित कार्यवाही नहीं की जाएगी तो हम हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट जाने को बाध्य रहेंगे |

इस कोरोना महमारी के समय जहां अभी लोगों के घर पर खाने के लाले पड़े हैं वहां हमारी छत्तीसगढ़ शासन हमारी सरकार माननीय भूपेश बघेल जी गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू जी के कार्यों को जितना सहराया जाए कम है किंतु ऐसे लोग जो इनका नाम लेकर छत्तीसगढ़ शासन व छत्तीसगढ़ सरकार को बदनाम कर रहे हैंइस पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो यह छत्तीसगढ़ को कहीं का नहीं छोड़ेंगे |

मिली सूत्रों से जानकारी के अनुसार प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान अवैध रूप से संचालित है सन 2016 से कार्य में अनियमितता के कराण और कई नियमों का पालन ना करने के कारण भिलाई नगर निगम द्वारा प्रयास श्रवण विकलांग संसथान को कोई लिज प्रदान नही की गई है फिर भी प्रशिक्षण केंद्र संचालित है इन सभी बातो का जिम्मेदार हम किसको मानेंगे क्युकी यह निजी संस्था है जिसे रिलायंस चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जा रहा है ट्रस्ट द्वारा जिसे संचालन की जिम्मेदारी शौपि गई है उसके द्वारा किये जा रहे मनमानी से सभी अवगत है क्युकी यह खबर किसी से भी छुपी नही है की इनके द्वारा प्रयास श्रवण विकलांग संसथान का आय-व्यय, खर्च, अनुमोदन राशी की भी चीजो का कोई लीगल रिकॉर्ड नही रखा जाता है इतने गैर जिम्मेदारन तौर से कार्य करने की जानकारी तो शासन-प्रशासन से छुप ही नही सकती अत: पूर्व में समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रयास श्रवण विकलांग संसथान की जाँच की गई थी जिसमें बड़ी अनियमितता पायी गई थी और रिपोर्ट में यह साफ तौर पर लिख दिया गया था कि संस्था को या तो भंग कर दिया जाना चाहिए या इसका संचालन शासन को शासकीय रूप से संचालन किया जाना चाहिए इसके बावजूद यह संस्था वर्तमान में आज तक सुपेला में संचालित हो रही |

इन सभी के साक्ष्य हमारे पास मौजूद है, त्वरित ख़बरें पूछता है कि आखिर क्यूँ ये संचालक बनकर बैठा व्यक्ति मासूम विकलांग बच्चों एवं वहाँ के शिक्षको के साथ खिलवाड़ करने पर आतुर है यह सिर्फ और सिर्फ अपनी जेब भरने के लिए | आखिर यह संचालक बनकर मासूमों की जिन्दगी के साथ घिनौना खेल क्यों खेल रहा है, विकलांग बच्चों से उनकी शिक्षा के नाम से पैसा लेकर शिक्षा के नाम पर धोखा दिया जा रहा है सरकार से अनेकों रुपए अनुदान  के तौर संस्थान में आता है परन्तु वह पैसा विकलांग बच्चो के पढाई में उपयोग न होकर संस्थान के संचालक के जेब में जाता है | संचालक द्वारा जो संस्था को चलाने का काम करते हैं उनके द्वारा रुपयों को पचा लिया जाताहै | 

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