बेमेतरा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत राशि के दुरुपयोग और निर्धारित समय-सीमा में आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं करने वाले हितग्राहियों के विरुद्ध प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिला प्रशासन द्वारा ऐसे मामलों में विधिसम्मत वसूली एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिससे योजना की पारदर्शिता एवं उद्देश्य की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) साजा के निर्देशन में लगातार ऐसे प्रकरणों की समीक्षा की जा रही है, जिनमें हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण हेतु राशि प्रदान की गई थी, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद न तो निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है और न ही पूर्ण किया गया है। कुछ मामलों में यह भी सामने आया है कि हितग्राहियों द्वारा प्राप्त राशि का उपयोग अन्य निजी कार्यों में कर लिया गया है, जो योजना के नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के अंतर्गत आता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र एवं राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र परिवारों को सुरक्षित एवं पक्के आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में योजना की राशि का किसी भी प्रकार का दुरुपयोग या अनुचित उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत साजा के माध्यम से संबंधित हितग्राहियों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए गए थे। इन नोटिसों के माध्यम से उन्हें स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया था कि वे शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ करें अथवा अपनी स्थिति स्पष्ट करें। इसके बावजूद कई हितग्राहियों द्वारा न तो संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत किया गया और न ही निर्माण कार्य में कोई प्रगति दिखाई गई। इस उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए अब प्रशासन ने कठोर कार्रवाई का निर्णय लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। यदि किसी हितग्राही द्वारा जानबूझकर योजना की राशि का दुरुपयोग किया जाता है, तो यह न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है बल्कि अन्य जरूरतमंद लाभार्थियों के अधिकारों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में अब किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। वसूली की प्रक्रिया के साथ-साथ आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी हितग्राही योजना की राशि का गलत उपयोग करने का साहस न कर सके।
इसके साथ ही प्रशासन द्वारा सभी संबंधित हितग्राहियों से अपील की गई है कि वे शासन की मंशा के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा में आवास निर्माण कार्य पूर्ण करें। ऐसा करने से न केवल उन्हें स्वयं का पक्का मकान प्राप्त होगा, बल्कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का वास्तविक उद्देश्य भी सफल होगा।
जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस प्रकार के प्रकरणों की सतत निगरानी आगे भी जारी रहेगी। जो भी हितग्राही आवास निर्माण कार्य में लापरवाही बरतेंगे, उनके विरुद्ध चरणबद्ध तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य योजना में अनुशासन स्थापित करना तथा पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार समय पर उपलब्ध कराना है।

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