नगर निगम का मवेशी धर-पकड़ अभियान जारी: आज पकड़े 14 मवेशी, कल पकड़े थे 12 मवेशी...
त्वरित ख़बरें - निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ ब्यूरों

राजनांदगांव- घुमंतु मवेशियों की धर-पकड़ के तहत नगर निगम का मवेशी धर-पकड़ अभियान में नगर निगम की टीम शहर के प्रमुख चौक चौराहों में घुमन्तु एवं बैठे मवेशियों को प्रतिदिन पकडऩे की कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज शहर के प्रमुख मार्गों एवं कालोनी क्षेत्र से 14 घुमन्तु मवेशियों की धर-पकड़ की गयी। गत दिवस 12 मवेशी पकडऩे की कार्रवाई की गयी थी। उल्लेखनीय है कि कई पशु मालिक द्वारा अपने मवेशियों को खुला छोड़ देते है| जिससे मवेशी चौक चौराहों में घुमते एवं बैठे रहते हैं। जिससे यातायात बाधित होती है एवं दुर्घटना की संभावना बनी रहती है, जो आमजनों के साथ ही पशुओं के लिए भी खतरनाक है। निगम द्वारा अब लापरवाह पशु पालकों के विरूद्ध पशुपालक पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शासन द्वारा भी रोका-छेका अभियान के तहत घुमन्तु पशुओं को पकडऩे एवं पशु मालिकों को अपना मवेशी घर में बांध कर रखने समझाईश देने के निर्देश दिये गये है  निर्देश के अनुक्रम में नगर पालिका निगम द्वारा धर-पकड़ अभियान चलाया जा रहा है।

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नगर निगम आयुक्त अभिषेक गुप्ता द्वारा घुमन्तु मवेशियों को पकडऩे गठित टीम प्रतिदिन चौक-चौराहों से घुमन्तु मवेशियों को पकडऩे की कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज शहर के प्रमुख मार्गों व कालोनी क्षेत्र में जलतरंग कालोनी, जीवन कालोनी, कमला कालेज रोड, गौरव पथ, डॉक्टर कालोनी, क्लब चौक, बसंतपुर, नंदई चौक, महावीर चौक एवं नया बस स्टैण्ड से घुमन्तु मवेशियों की धर-पकड़ के तहत 14 घुमन्तु एवं बैठे मवेशियों को पकड़ा गया। मवेशियों को पकड़कर कांजी हाऊस में रखा जा रहा है एवं उन्हें छोडऩे पर 570-570 रूपए संबंधित से अर्थदण्ड लेकर मवेशी छोड़ा जाता है। गत दिवस पुराना बस स्टैण्ड जीई रोड से पाताल भैरवी मंदिर तक, रेल्वे स्टेशन रोड, जय स्तम्भ चौक से 12 मवेशी पकड़े गये थे।

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आयुक्त गुप्ता ने पशुपालकों से अपील की है कि दुर्घटना से बचने मवेशी मालिक अपने जानवर को निर्धारित स्थल में बांध कर रखने तथा चौक-चौराहों व सड़कों पर घुमने पशुओं को खुला नहीं छोड़े। उन्होंने कहा कि चौक-चौराहों व सड़कों पर खुला घूमते पाये जाने पर पशुओं को नगर निगम के अमला द्वारा पकड़कर कांजी हाऊस में बंद कर नियमानुसार शुल्क व जुर्माना भुगतान करने के उपरांत ही मुक्त कर संबंधित पशु पालकों को सौंपा जायेगा। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा अब लापरवाह पशु पालकों के विरूद्ध पशुपालक पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिसके तहत वह प्रथम अपराध की दशा में जुर्माने से 10 रूपए से कम नहीं होगा किन्तु जो 50 रूपए तक का हो सकेगा और द्वितीय या पश्चातवर्ती अपराध की दशा में जो पिछले अपराध किये जाने के 3 वर्ष की अवधि के भीतर किया जाता है, जुर्माने से जो 25 रूपए कम नहीं होगा जो 100 रूपए तक का दण्ड या कारावास जिसकी अवधि 3 माह तक की हो सकेगी अथवा दोनों दण्डों से दण्डित किया जायेगा।

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