मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव अरुण सिंह सिसोदिया का अपमान:कहा- CM से करेंगे शिकायत..दुर्ग के कलेक्टर को पद से हटवाएंगे...
त्वरित ख़बरें - निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ ब्यूरों

कलेक्टर ने लिस्ट से नाम काटा वो उसे जिले से हटवाएंगे...

भिलाई- भिलाई में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और राजनांदगांव के प्रभारी अरुण सिंह सिसोदिया का जमकर अपमान हुआ। अधिकारियों ने सिसोदिया को मंच से उतने के लिए एक दो बार नहीं ब्लकि पूरे पांच बार कह दिया। इससे वो काफी नाराज हुए। सिसोदिया ने कहा कलेक्टर ने भूतपूर्व सैनिक और कांग्रेस के पदाधिकारी का अपमान किया है। अब वो कलेक्टर को यहां नहीं रहने देंगे।

अरुण सिसोदिया ने विशेष बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में वो पहुंचे थे। प्रदेश पदाधिकारी होने के नाते वो मंच पर रखी कुर्सी में जाकर बैठ गए। इतने में वहां एसडीएम आया और उन्हें मंच से नीचे जाने के लिए कह दिया। सिसोसिया ने अपना परिचय बताया तो एसडीएम ने कहा उनका नाम मंच पर बैठने वालों में नहीं है, इसलिए वो यहां नहीं बैठ सकते हैं। सिसोसिया ने एसडीएम से पूछा कि ये लिस्ट बनाई किसने।

एसडीएम ने साफ कहा कि ये लिस्ट दुर्ग कलेक्टर ने बनाई है। यहां वहीं लोग बैठेंगे जिनका नाम लिस्ट में है। इसके बाद उन्होंने 5 बार कलेक्टर दुर्ग पुष्पेंद्र मीणा को फोन लगाया, लेकिन कलेक्टर ने उनका फोन भी नहीं उठाया। अरुण सिसोदिया का कहना है कि कलेक्टर ने पहले तो उनका नाम लिस्ट में नहीं डाला, फिर उनका फोन भी नहीं उठाया। ये एक भूतपूर्व सैनिक और जनता के बीच काम करने वाले कांग्रेस पदाधिकारी का अपमान है। वो एक स्वाभिमानी आदमी हैं। वो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को फैक्स के माध्यम से करेंगे। यदि कलेक्टर ने लिस्ट बनाई है तो कल कलेक्टर नहीं रहेगा।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जबरदस्ती बैठे कांग्रेस महासचिव सिसोदिया

                                                मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जबरदस्ती बैठे कांग्रेस महासचिव सिसोदिया

मंच मैं बैठने वालों का नाम तय करना जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी
प्रदेश महासचिव अरुण सिसोदिया का कहना है कि यदि पार्टी के नियम की बात करें तो किसी भी बडे़ कार्यक्रम में मंच में बैठने वाले पदाधिकारियों का नाम देने की जिम्मेदारी जिले के शहरी और ग्रामीण जिलाध्यक्ष की होती है। कलेक्टर कौन होता है अपनी मर्जी से नाम तय करने वाला। उसे जिलाध्यक्ष से नाम की लिस्ट लेना था और उसी के मुताबिक मंच का प्रोटोकाल तय करना था।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठे मुख्यमंत्री व अन्य नेता और अधिकारी

मेरे जिले में मेरी इज्जत नहीं तो बाकी जगह क्या होगी - सिसोदिया

राजनांदगांव जिले के प्रभारी अरुण सिंह सिसोदिया इस घटना से काफी आहत हैं। उनका कहा है कि वो पांच विधायक और तीन जिलाध्यक्षों वाले जिले के प्रभारी हैं। जब उनके सामने मेरे ही जिले में मेरी इज्जत नहीं हो रही है तो वो अपने यहां मेरी इज्जत कैसे करेंगे। वहां मंच पर खुज्जी विधायक, मानपुर मोहला के विधायक, डोगरगढ़ के विधायक, दोनों जिलाध्यक्ष मौजूद थे। वहीं उनके प्रभारी को मंच से उतारा जा रहा था। यह सब देखकर वो बोलेंगे कि आपके जिले में ही आपकी इज्जत नहीं है तो हम क्यों करें?
दूसरे का नाम काटकर दी गई जगह
मंच में कुर्सी पर बैठे प्रदेश महासचिव को सबसे पहले उठाने के लिए एक पुलिस अधिकारी आए। इसके बाद एसडीएम फिर सीएम सिक्यूरिटी तक आई। जब महासचिव सिसोदिया नही उतरे और कार्यक्रम में विवाद की स्थिति पैदा होने लगी तो दुर्ग के ग्रामीण जिलाध्यक्ष और निर्मल कोसरे वहां आए। उन्होंने देखा कि कार्यक्रम में कवर्धा के जिलाध्यक्ष नीलकंठ चंद्रवंशी नहीं आ रहे हैं तो उनका नाम काटा। इसके बाद उनकी कुर्सी पर सिसोदिया को बैठाया गया।

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