रायपुर:सुदूर वनांचल के ग्रामीणों को उनके गाँव में ही बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'स्वास्थ्य एवं पोषण सेवा संगम' के तहत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। आकांक्षी विकासखंड शंकरगढ़ के बहुउद्देशीय केंद्र आमाकोना और कुसमी विकासखंड के बहुउद्देशीय केंद्र चंपानगर में लगे इन शिविरों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं को विशेष रूप से चिकित्सा सेवा का लाभ मिला।
घर के द्वार तक पहुँची स्वास्थ्य सेवाएँ
पीएम जनमन क्षेत्र के ग्राम पोड़ीखुर्द स्थित आमाकोना बहुउद्देशीय केंद्र में पीएम जनमन योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) के जरिए स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचीं।
स्वास्थ्य जाँच: शिविर में ग्रामीणों का ब्लड प्रेशर और शुगर की जाँच की गई, साथ ही आगे की मेडिकल जाँच के लिए ब्लड सैंपल भी लिए गए।
प्राथमिक उपचार: जरूरतमंदों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया।
समय और दूरी की बचत: अस्पताल तक लंबी दूरी तय करने की समस्या से राहत मिलने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
पोषण स्तर की जाँच और सुपोषण किट का वितरण
इस स्वास्थ्य शिविर में 42 महिलाएँ और 30 बच्चे शामिल हुए। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई:
पोषण आकलन: सभी बच्चों का वजन और ऊँचाई मापकर उनकी पोषण स्थिति का आकलन किया गया और अभिभावकों को बच्चों के बेहतर विकास के लिए आवश्यक परामर्श दिया गया।
सुपोषण किट वितरण: पूरक पोषण आहार के 15 पात्र हितग्राहियों को मौके पर सुपोषण किट वितरित किए गए।
जागरूकता अभियान: शिविर के दौरान ग्रामीणों को कुपोषण के कारण व रोकथाम, मातृ पोषण, शिशु आहार तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल (Early Childhood Care) के प्रति भी विस्तार से जागरूक किया गया।

Facebook Conversations