महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयास
त्वरित ख़बरें - छत्तीसगढ़ में महिलाओं एवं बच्चों पर होने वाले अपराधों की दर में कमी आई है
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार रैंकिंग में आया सुधार

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों के कारण छत्तीसगढ़ में महिलाओं एवं बच्चों पर होने वाले अपराधों की दर में कमी आई है। एनसीआरबी के अनुसार प्रदेश की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है।

पुलिस विभाग के अफसरों ने बताया कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार बच्चों के विरुद्ध वर्ष 2017-18 में अपराध का दर 64.9 प्रतिशत एवं 68.9 प्रतिशत रही है, वहीं वर्ष 2019-20 में कम होकर 56.4 फीसदी एवं 51.9 फीसदी हो गई है।

इसी तरह बलात्कार के मामले 2017-18 में अपराध का दर क्रमशः 14.6 फीसदी एवं 14.7फीसदी रही है, वहीं वर्ष 2019-20 में कम होकर 7.2 प्रतिशत एवं 8.3 प्रतिशथ हो गया है। इसी तरह वर्ष 2017-18 में देश में दूसरा व प्रथम स्थान रहा, जो कि 2019-20 में दसवां एवं छठवां स्थान हो गया है। इसी तरह अपहरण के मामलों में भी कमी आई है।

2017-18 में अपराध दर 8 फीसदी एवं 8.6 फीसदी थी, जो कम होकर 2020 में 6.9 प्रतिशत है। इस प्रकार 2017-18 की तुलना में अपराध दर में कमी हुई है। महिलाओं के विरूद्ध जहां 2017-18 में अपराध का दर 61.1 प्रतिशत एवं 60.5प्रतिशत रही है, वहीं 2019-20 में कम होकर 53.5फीसदी एवं 50.7फीसदी हो गई।

इस तरह 2017-18 में देश में नवें एवं दसवें स्थान पर रहा जो 2019-20 में तेरहवें एवं बारहवें स्थान पर पहुंच गया है। इस प्रकार इसमें भी प्रदेश की रैंकिंग में सुधार हुआ है। वहीं अनुसूचित जनजाति के नाबालिग बच्चों के विरूद्ध घटित अपराध की दर पिछले चार साल से लगभग एक समान है।

पुलिस के प्रति बढ़ रहा विश्वास
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।महिला एवं बच्चों से संबंधित प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। महिलाओं एवं बच्चों पर घटित अपराधों के संबंध में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा त्वरित एवं विधिक कार्यवाही करते हुए न्याय दिलाने संवेदनशीलता से काम किया जा रहा है। पुलिस की कार्यवाही से लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।

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