छत्तीसगढ़। मानकेश्वरी मंदिर में सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा के तहत 60 बकरों की बलि दी गई। इस दौरान बैगा द्वारा बकरों का खून पीने की रस्म भी निभाई गई। बताया जा रहा है कि यह परंपरा करीब 500 साल पुरानी है और आज भी श्रद्धा व मान्यताओं के साथ निभाई जाती है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर मंदिर में बकरा चढ़ाते हैं। इसी परंपरा के तहत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामना पूरी होने पर देवी को बकरा अर्पित करते हैं।
धार्मिक आयोजन के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। बलि और उससे जुड़ी रस्मों को देखने के लिए भी लोगों की मौजूदगी रही। स्थानीय लोगों के बीच इस परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
मानकेश्वरी मंदिर की इस परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। हालांकि, मंदिर का सटीक स्थान और आयोजन की तारीख उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

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