दुर्ग, 13 मई 2026। पाटन विकासखंड के ग्राम बेलौदी में उल्टी-दस्त के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। गांव में लगातार स्वास्थ्य सर्वे, निगरानी और उपचार का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है तथा किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग डॉ. मनोज दानी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्राम बेलौदी पहुंची। टीम में जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, खंड चिकित्सा अधिकारी पाटन डॉ. भुनेश्वर कठौतिया, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट रितीका सोनवानी, डॉ. उमेश मिर्जा, सुपरवाइजर उत्तम मधुकर सहित स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन शामिल रहे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर मरीजों की स्थिति की जानकारी ली तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में लगातार घर-घर सर्वे किया जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार 13 मई 2026 को कुल 180 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें उल्टी-दस्त के 7 नए मरीज मिले हैं। वहीं 11 मई से लेकर अब तक कुल 56 मरीजों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से अधिकांश मरीजों का प्राथमिक उपचार घर पर ही किया जा रहा है, जबकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में 11 मरीज जिले के विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं। इनमें 4 मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन, 2 मरीज जिला अस्पताल, 3 मरीज सेलूद अस्पताल, 1 मरीज आस्था अस्पताल तथा 1 मरीज महिमा अस्पताल में भर्ती हैं। चिकित्सकों की निगरानी में इन मरीजों का उपचार जारी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है और सभी मरीजों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
गांव में सक्रिय सर्विलेंस का कार्य लगातार जारी है। स्वास्थ्य टीम द्वारा पानी के स्रोतों की जांच, साफ-सफाई की निगरानी और ग्रामीणों को जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान की वजह से उल्टी-दस्त की समस्या बढ़ सकती है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे केवल उबालकर या स्वच्छ पानी का ही उपयोग करें। सड़ी-गली और बासी सब्जियों या खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। यदि किसी व्यक्ति को उल्टी, दस्त, पेट दर्द या कमजोरी जैसी समस्या हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें। विभाग ने कहा कि समय पर उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके।

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