रायपुर | दशहरा पर्व के बाद मीडिया से रूबरू हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने धान खरीदी की व्यवस्था, पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता, राजधानी के ट्रैफिक और महतारी वंदन योजना जैसी कई अहमितयों को लेकर सरकार से तीखे सवाल किए हैं।
धान खरीदी की व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने धान खरीदी के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार समय पर धान खरीदी की उचित व्यवस्था नहीं कर पा रही है। उन्होंने आगामी 1 नवंबर से ही धान खरीदी शुरू किए जाने की वकालत करते हुए सवाल किया कि क्या सरकार समय पर किसानों का धान नहीं खरीदना चाहती? सरकार को इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
पीएससी परीक्षा (PSC Exam) पर गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ पीएससी परीक्षा को लेकर भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि परीक्षा में पारदर्शिता की कमी साफ नजर आ रही है। 'जीरो टॉलरेंस' का दावा करने वाली सरकार के कार्यकाल में गड़बड़ियां हो रही हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई जा रही? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग अपने चहेतों को परीक्षा पास करवा रहे हैं। अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं (Answer Sheets) दी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि अब तक पीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होना भी संदेह के घेरे में है, इसलिए 2024 की पीएससी परीक्षा रद्द कर मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिए।
बीटीआई ग्राउंड में कॉम्प्लेक्स निर्माण को बताया गलत
राजधानी रायपुर में ट्रैफिक और विकास कार्यों पर बात करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि रायपुर की जनता को ट्रैफिक के नाम पर बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। राजधानी में मंत्रियों और अधिकारियों के पास दो-दो बंगले हैं, जिन्हें खाली किया जाना चाहिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बीटीआई ग्राउंड में व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बनाना बेहद गलत है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महतारी वंदन योजना और महंगाई पर तंज
योजनाओं और महंगाई के मुद्दे पर घेरते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों से वसूली की जा रही है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि योजना में हितग्राहियों की संख्या 70 लाख से घटकर 68 लाख रह गई है, जबकि पात्र हितग्राहियों की संख्या में बढ़ोतरी होनी चाहिए थी। इसके साथ ही, त्योहारों के सीजन में आम जनता महंगाई से त्रस्त है और केंद्र सरकार महंगाई पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हुई है।

Facebook Conversations