छत्तीसगढ़ के अलग-अलग सरकारी विभागों में ड्राइवर  कर्मचारी नाराज
त्वरित ख़बरें - सरकारी विभाग के ड्राइवरों का ऐलान-ग्रेड पे और भत्ता नहीं मिला तो सौंप देंगे अफसरों को गाड़ियों की चाबी

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग सरकारी विभागों में ड्राइवर का काम करने वाले कर्मचारी गुस्से में हैं। उन्होंने अपने साथ हो रही प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए अफसरों को चेताया है। इन कर्मचारियों ने ऐलान कर दिया है कि वक्त रहते इनकी मांगों को नहीं माना गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, ऐसे में विभागों की गाड़ियों के पहिए थमने के आसार हैं।

राजधानी रायपुर में प्रदेश शासकीय अर्ध शासकीय वाहन चालक एवं यांत्रिकी कर्मचारी संघ के बैनर तले इन ड्राइवरों ने एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया था । पूरे प्रदेश से सैकड़ों की तादाद में ड्राइवर रायपुर पहुंचे और अपनी मांगों का एक ज्ञापन प्रशासनिक अफसरों को सौंपा है। इस आंदोलन के बाद अब संघ ने 1 महीने का अल्टीमेटम जारी किया है। कहा गया है कि अगर इसके बाद भी अफसरों के कानों पर जूं नहीं रेंगती तो काम बंद कर देंगे। गाड़ियों की चाबी अफसरों को सौंप देंगे। पूरे प्रदेश में 10 हजार से अधिक ड्राइवर्स सरकारी विभागों में गाड़ी चलाने का काम करते हैं।

इन मांगों पर ठनी
छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय और अर्धशासकीय वाहन चालक एवं यांत्रिकी कर्मचारी संघ के पदाधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि ड्राइवर चाहते हैं कि उन्हें ग्रेड पे 2800 दिया जाए, इसके अलावा दैनिक वेतन भोगियों को स्थाई किया जाए, वाहन चालकों को विभागीय परीक्षा में शामिल किया जाए, नक्सल भत्ता भी दिया जाए। संघ ने बड़े अफसरों ने इन मांगों को पूरा करवाने का दबाव बनाया है।

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