ब्रह्माकुमारीज योग तपस्या कार्यक्रम 2nd अनीता दीदी चंडीगढ़  "समीपता, संपन्नता,संपूर्णता"
त्वरित ख़बरें - निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ ब्यूरो

 भिलाई - प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्तिथ पीस ऑडिटोरियम में दो दिवसीय योग तपस्या कार्यक्रम "समीपता, संपन्नता,संपूर्णता" विषय पर चंडीगढ़ (पंजाब) से छत्तीसगढ़ के भिलाई में प्रथम बार पधारी राजयोगिनी बीके अनीता दीदी ने बताया कि स्वपरिवर्तक  वह है जिसके अंदर सदा सर्व  के प्रति शुभ भावना रहे, किसी से बदला नहीं लेकिन स्वयं को बदलने का भाव हो|

स्वयं के समीप रहो, खुद के लिए समय निकालना है| मेरे लिए सबसे बड़ा वी आई पी मैं स्वयं हूं| यह आंखें सारे संसार को देखती हैं इन्हें देखने के लिए आईना लगाना पड़ता है ।आपने प्रतिदिन परमात्मा को याद करने की सुंदर विधि  बताते हुए कहा कि परमात्मा  को मंडे को मां के रूप में, ट्यूसडे को टीचर के रूप में

वेडनेसडे  को भाई के रूप में , गुरुवार को सद्गुरु के रूप में, फ्राइडे को पिता (फादर) के रुप में,  सैटरडे को फ्रेंड के रुप में ,  संडे को पुत्र के रूप में परमात्मा को याद कर हर कर्म में परमात्मा से सर्व रिश्तों को जोड़  कर जीवन का आनंद लीजिए|

 इस दो दिवसीय योग तपस्या कार्यक्रम में पाटन, मनेंद्रगढ़, बेमेतरा, नंदिनी अहिवारा, बेरला, जामगांव,डौंडी लोहारा,राजहरा  सहित बड़ी संख्या में ब्रह्मा वत्सो ने  लाभ लिया|

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