आज प्रेम का दिन है। वैलेंटाइन डे पर प्यार करने वालों की एक दिलचस्प कहानी
त्वरित ख़बरें - बचपन के कंपटीटर, अब जीवन भर के पार्टनर:हिना खुद कोचिंग में जो सीखतीं, घर आकर पति अंबर को पढ़ातीं, आज दोनों स्टेट सर्विस के अफसर

आज प्रेम का दिन है। वैलेंटाइन डे पर प्यार करने वालों की एक दिलचस्प कहानी इस रिपोर्ट में पढ़िए। ये जोड़ा एक ही स्कूल में पढ़ा, वो भी एक ही क्लास में। तब तकरार होती थीं कोई नहीं जानता था कि बसपन (ट्रेंडिंग गीत का हुक वर्ड बसपन का प्यार) प्यार जिंदगी में इस मुकाम पर पहुंचेगा। क्लास रूम में साथ बैठने वाले आज एक साथ स्टेट सर्विस में अफसर हैं। अब जो भी इनके बारे में जानता है, इनकी मिसाल देने से खुद को रोक नहीं पाता। पढ़िए, इनके अजब प्रेम की गजब कहानी।

एक दूसरे को पीछे छोड़ने की होड़ और अब साथ जीने की कसम

यह कहानी है राजनांदगांव के अंबागढ़ चौकी ब्लाक में पोस्टेड नायब तहसीलदार अंबर गुप्ता और लेखा अधिकारी हिना सिंह गुप्ता की। दोनों अफसरों की जोड़ी बचपन से एक साथ है। अंबर बचपन के दिनों को याद करते हुए कहते हैं, 'क्लास रूम में हम दोनों एक-दूसरे के पक्के वाले प्रतिद्वंद्वी थे। एक के मार्क्स अगर ज्यादा आए तो दूसरा उसे बीट करने में कोई कसर नहीं छोड़ता था। पूरी क्लास रूम को ये बात पता थी। हमें फ्रेंड्स इन बातों पर छेड़ा भी करते थे। हमारी कई बार तीखी बहस हो जाया करती थी।'

अंबर बताते हैं, 'कक्षा 10वीं में मैं मेरिट लिस्ट में था। तब हिना के मुझ से जरा कम नंबर आए थे। फिर हम दोनों एक-दूसरे को पीछे छोड़ने की होड़ लगा रहे थे। टीनएज में हम 11वीं और 12वीं क्लास साथ पढ़ने लगे तब झगड़े जरा कम हुए। थोड़ी अंडरस्टैंडिंग थी। तब फाइनल एग्जाम में हमारे नंबर एक जैसे ही आए। इसके बाद झगड़े बंद हो गए, हम दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और इश्क वाले सफर के हम मुसाफिर हो लिए।'

कॉलेज की पढ़ाई भी साथ की और लिया बड़ा फैसला

स्कूल खत्म करने के बाद अंबर और हिना ने एक साथ इंजीनियरिंग की। पढ़ाई और करियर को संवारने की चाहत से बेंगलुरु गए। वहां एक ही साथ जॉब भी की। वहीं, दोनों ने फैसला कर लिया कि अब सिर्फ काम और पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जिंदगी भी साथ ही बितानी है। ये दोनों की जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला साबित हुआ। दोनों ने सगाई कर ली और कुछ महीनों बाद शादी के बंधन में बंधे।

कुछ पारिवारिक मुश्किलों की वजह से अंबर को बेंगलुरु में जॉब छोड़कर वापस छत्तीसगढ़ आना पड़ा। रिश्तेदारों ने हैरानी जताई कि अच्छी खासी नौकरी न छोड़ें, मगर तब घर को उनकी जरूरत थी, इस मुश्किल फैसले में हिना उनके साथ थीं। दोनों यहां लौट आए। रायपुर लौटने के बाद दोनों ने तय किया कि हिना खाली वक्त में CG-PSC की परीक्षाओं की तैयारी करेगी, यहां से जिंदगी में एक नया मोड़ आने वाला था।

टेंपरेरी नौकरी की साथ-साथ बन गए अफसर

अंबर बताते हैं, 'परिवार को फाइनेंशियल सपोर्ट करने के लिए मेरा यहां जॉब करना जरूरी था और साथ रहकर पेरेंट्स की देखरेख भी। मैं जॉब करता रहा, हिना ने खुद को और काबिल बनाने में ध्यान दिया। हमने जल संसाधन विभाग में टेंपरेरी नौकरी की। हर रोज काम पर जाते थे। दूसरी तरफ हमारे ऑफिस जाते ही हिना PSC एक्सपर्ट अंकित अग्रवाल की गाइडेंस में कोचिंग करने लगीं। कोचिंग में जो कुछ सिखाया जाता था, रात वक्त जब मैं लौटता तो वह मुझे पढ़ाया करती थीं।' साल 2017 में CG-PSC की स्टेट सर्विस परीक्षा में अंबर को 30वीं और हीना को 37वीं रैंक मिली। आज ये जोड़ी, यंगस्टर्स को मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है।

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