राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के छत्तीसगढ़ प्रांत प्रचारक प्रेमशंकर ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि प्रकृति को विज्ञान और धर्म से जोड़ा जाए। तभी पर्यावरण की अच्छे तरीके से रक्षा हो सकेगी। स्वदेशी का भाव सुदृढ़ होना भी जरूरी है।
आरएसएस के सरस्वती शिशु मंदिर सेक्टर-4 में हुए छत्तीसगढ़ प्रांत के 20 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग, प्रथम वर्ष (सामान्य)-2023 के समापन समारोह में उन्होंने कहा कि वर्तमान में पर्यावरण की सुरक्षा पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। इस दिशा में खुद ही पहल करनी होगी। पर्यावरण की सुरक्षा हमारी एक नितांत आवश्यकता है।
प्रगतिशील सतनामी समाज के विनोद भारती ने कहा कि 20 दिन तक जो संघ का प्रशिक्षण प्राप्त किया है वह आपके अपने जीवन में और समाज, देश के लिए उपयोगी होगा। संघ जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर काम करना होगा। कार्यक्रम को प्रांत संघ चालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना, वर्गाधिकारी भागीरथी विश्वकर्मा आदि ने संबोधित किया।
285 स्थानों से आए थे 412 प्रशिक्षार्थी: कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 285 स्थानों से 412 प्रशिक्षार्थी शामिल हुए। इनमें महाविद्यालयीन और स्कूली छात्र, कृषक, व्यवसायी और कर्मचारी आदि शामिल थे। प्रशिक्षण में विभिन्न बौद्धिक कार्यक्रमों तथा शारीरिक कार्यक्रमों में दंड संचालन, निः युद्ध(कराटे), पदविन्यास, दंड युद्ध आदि का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण वर्ग 14 मई से 4 जून तक चला।


Facebook Conversations