बालोद - सोमवार को राज्य सरकार का बजट पेश हुआ । जिस पर विभागीय अफसरों, तीनों विधानसभा के विधायकों सहित जिलेवासियों की निगाहें टिकी हुई है। दरअसल अपने क्षेत्र के लोगों से फीडबैक, मांगों के आधार पर जनप्रतिनिधियों ने सड़क, पुल, भवन निर्माण सहित कई काम को बजट में शामिल कराने शासन व संबंधित मंत्री को पत्र भेजा है। जिसमें से कितने को बजट में शामिल किया जाएगा और कितना पेडिंग में रहेगा, यह सोमवार देर शाम तक मालूम हो जाएगा।
चुनावी साल होने की वजह से जनहित से जुड़े अधिकांश काम को बजट में शामिल किया जा सकता है। गुंडरदेही में फ्लाईओवर, मोहंदीपाट से जेवरतला मार्ग में भरदा-हल्दी के पास खरखरा नदी पर पुल और देवरी अंतागढ़ राजनांदगांव मुख्य मार्ग में बड़ा देवरी के पास पुल निर्माण को बजट में शामिल कराने सेतु विभाग ने प्रस्ताव भेजा है। विभागीय अफसरों को उम्मीद है, कि खरखरा व तांदुला नदी में चार स्थानों पर पुल निर्माण को बजट में शामिल किया जा सकता है। वहीं गुंडरदेही में फ्लाईओवर बनना प्रस्तावित है।
हालांकि व्यापार प्रभावित होगा, यह तर्क देकर नगर के व्यापारी वर्ग इसका विरोध कर रहे हैं। पिछले बजट में शामिल जनहित से जुड़े तीन प्रोजेक्ट की क्या स्थिति है, इसकी जब त्वरित ख़बरें ने पड़ताल की तो इनमें से सिर्फ एक काम ही पूरा हो पाया है। जबकि दो काम अधूरे हैं। सेतु विभाग ने ओवरब्रिज व पुल निर्माण कराने नक्शा, ड्राइंग, डिजाइन तैयार कर लिया है लेकिन प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिलने से मामला अटका हुआ है।
यह भी जानिए, 600 करोड़ रुपए की तांदुला-गंगरेल लिंक नहर भी कागजों में ही कैद
वित्तीय वर्ष 2012-13, 2018-19 में शामिल 600 करोड़ की तांदुला- गंगरेल लिंक नहर पर अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। वजह यह है कि महानदी के पानी को लेकर छत्तीसगढ़ व ओडिशा शासन के बीच विवाद चल रहा है इसलिए तांदुला-गंगरेल लिंक नहर योजना पर शासन स्तर से कुछ नहीं हो पाया है। लगभग 6 साल से मामला नई दिल्ली कोर्ट में लंबित है। अगर यह प्रोजेक्ट इस बार के बजट में शामिल भी हो जाता है तो इसका कोई औचित्य नहीं रहेगा। वहीं विवाद की वजह यह है कि ओडिशा शासन का तर्क है कि महानदी के पानी की खपत छत्तीसगढ़ में ज्यादा हो रहा है। हालांकि दोनों राज्य में कितने पानी की खपत हो रही है, यह स्पष्ट नहीं है।
बहरहाल इस संबंध में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्तर की कोर्ट में याचिका लगाई गई है। जहां से अब तक अंतिम सुनवाई नहीं हो पाई है। तांदुला-गंगरेल लिंक नहर का कनेक्शन महानदी से है, क्योंकि धमतरी के गंगरेल बांध का पानी जब ओवरफ्लो के बाद महानदी में जाता है, उसी को तांदुला डैम में लाने की प्लानिंग बनी हुई है। काम शुरू कराने के लिए केंद्रीय जल आयोग की ओर से हरी झंडी नहीं मिल पाई है। कब आयोग की सहमति मिलेगी और कब काम पूरा होगा, इस संबंध में अफसर कुछ कह नहीं पा रहे है।
पिछले बजट में शामिल 3 प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति
पाररास में ओवरब्रिज- बालोद-नांदगांव मार्ग में पाररास रेलवे फाटक के पास 874 मीटर लंबा, 13 मीटर चौड़ा, साढ़े 9 मीटर ऊंचा ओवरब्रिज बनाने सेतु विभाग ने नक्शा, ड्राइंग तैयार किया है। 46 करोड़ रु. खर्च का अनुमान है। ओवरब्रिज बनाने 50% राशि केंद्र और 50% राशि राज्य शासन खर्च करेगी। लेकिन अब तक राशि स्वीकृति नहीं हो पाई है।
कॉलेज- गुरूर ब्लॉक के ग्राम बासीन में कॉलेज खुल चुका है। हालांकि स्टूडेंट्स को पढ़ाने सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस शैक्षणिक सत्र से अस्तित्व में आए प्रदेश के गृहमंत्री के गृह गांव के कॉलेज में कुल 48 स्टूडेंट्स ने दाखिला लिया है। सेमरिया नाले पर पुल- लाटाबोड़ क्षेत्र के ग्राम बोरी-भेंगारी के बीच बाढ़ प्रभावित सेमरिया नाला में उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है, क्योंकि प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिली है। काम अधूरा होने से इस मानसून में भी बोरी, हल्दी, बैलोदी, भेंगारी समेत 25 गांवों के लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ेगा।