PM, नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मेलोडी टॉफी की मांग अचानक बढ़ गई है। बढ़ती डिमांड को देखते हुए Parle Products ने मेलोडी टॉफी का प्रोडक्शन बढ़ाने का फैसला किया है।
कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट मयांक शाह ने बताया कि यह पल ब्रांड के इतिहास के सबसे बड़े अभियानों में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किसी विदेशी नेता को भारतीय ब्रांड का उत्पाद उपहार में देना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। कंपनी अब इस मौके का उपयोग करते हुए मेलोडी को वैश्विक स्तर पर और मजबूत पहचान दिलाने की तैयारी कर रही है।
मयांक शाह के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मेलोडी की बिक्री में भारी उछाल देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर “Melodi” मीम्स भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे लोगों की दिलचस्पी और बढ़ी है। उन्होंने बताया कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी मेलोडी की मांग बढ़ने लगी है। इसे देखते हुए कंपनी ने तत्काल प्रोडक्शन बढ़ा दिया है, ताकि बाजार में सप्लाई प्रभावित न हो।
मेलोडी टॉफी भारत में वर्ष 1983 से बिक रही है और यह देश की सबसे लोकप्रिय टॉफियों में गिनी जाती है। पार्ले का दावा है कि यह ब्रांड 100 से अधिक देशों में उपलब्ध है। कंपनी अब डिजिटल और मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए मेलोडी को और अधिक प्रमोट करने की रणनीति बना रही है। पार्ले ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा करते हुए लिखा— “1983 से रिश्तों में मिठास घोल रहे हैं।” यह पोस्ट भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई।
मयांक शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक मंच पर स्वदेशी ब्रांड्स की ताकत को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि अब कंपनी की जिम्मेदारी है कि इस ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और आगे ले जाया जाए। भारतीय ब्रांड्स को इस तरह की पहचान मिलने से घरेलू कंपनियों का मनोबल बढ़ता है और वैश्विक बाजार में उनकी स्थिति मजबूत होती है।
इस पूरे घटनाक्रम का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। हालांकि मेलोडी बनाने वाली पार्ले प्रोडक्ट्स शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है, लेकिन नाम की समानता के कारण कई निवेशकों ने गलती से Parle Industries के शेयर खरीद लिए। इसके चलते कंपनी के शेयर में लगभग 5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। बाद में स्पष्ट हुआ कि पार्ले इंडस्ट्रीज का मेलोडी टॉफी से कोई संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने मेलोडी टॉफी को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना भारतीय ब्रांड्स के लिए एक बड़ी मार्केटिंग सफलता साबित हो सकती है, जहां एक साधारण टॉफी वैश्विक कूटनीति और सोशल मीडिया ट्रेंड का हिस्सा बन गई।